MP Board Class 10th General English The Spring Blossom Solutions Chapter 14 The Pot of Gold

For those looking for help on Class 10th English can use the MP Board Solutions for Class 10th English The Spring Blossom Solutions Chapter 14 The Pot of Gold Questions and Answers prevailing for free of cost. Download the MP Board Class 10th English Solutions Chapter Wise PDF through the direct links available and take your preparation to the next level. The MP Board Solutions for Class 10th English Chapter 14 The Pot of Gold covers all the topics and subtopics within it. Practice using these MP Board Class 10th English Solutions PDF and test your preparation level and bridge the knowledge gap accordingly.

MP Board Class 10th General English The Spring Blossom Solutions Chapter 14 The Pot of Gold

If you have any queries take the help of the MP Board Solutions for Class 10th English Chapter 14 The Pot of Gold and learn all the topics in it effectively. Make use of the MP Board Solutions for Class 10th English be it Passages, Meanings, Comprehensions, Sentence Correction, or any other random topic of your choice. We have everything covered and you can Practice them often to score better grades in your exam. By going through the MP Board Solutions for Class 10th English Chapter 14 The Pot of Gold Questions and Answers you can attempt the actual exam with utmost confidence.

The Pot of Gold Textual Exercises

Word Power

A. Fill in the blanks with suitable words from brackets.
(कोष्ठक में दियें गये शब्दों से रिक्त स्थान भरिए)
(greedy, buried, squandered, reluctant, drive out.)

  1. Sarthak ………… his money.
  2. The dog had ………… the bone in the garden.
  3. New fashions ………… old ones.
  4. Neha was …………. to admit that she was wrong.
  5. Manoj stared at the diamonds with ……… eyes.

Answer:

  1. buried
  2. squandered
  3. drive out
  4. reluctant
  5. greedy

B. Select the synonyms for the words inside boxes from the brackets and write in front.
(समानार्थी शब्द लिखो।)
(lend, unwise, wicked, hide, greedy)
Answer:

  1. evil, naughty, sinful, immoral – wicked
  2. ravenous, gluttonous, intense, desirous – greedy
  3. injudicious, imprudent, not wise – unwise
  4. to grant, to bestow, to give on loan – lend
  5. to keep out of sight, to conceal, to keep secret – hide

How Much Have I Understood?

A. Answer the following questions. (One or two sentences)
(निम्न प्रश्नों के उत्तर एक या दो वाक्यों में दीजिए।)

Question 1.
Who were Subuddhi and Kubuddhi?
(हु वर सुबुद्धि एण्ड कुबुद्धि?)
सुबुद्धि व कुबुद्धि कौन थे?
Answer:
Subuddhi and Kubuddhi were two friends.
(सुबुद्धि एण्ड कुबुद्धि वर् टू फ्रेन्ड्स।)
सुबुद्धि व कुबुद्धि दो दोस्त थे।

Question 2.
What were the qualities of Subuddhi and Kubuddhi?
(व्हॉट वर् द क्वॉलिटीज ऑफ सुबुद्धि एण्ड कुबुद्धि?)
सुबुद्धि व कुबुद्धि के क्या गुण थे?
Answer:
Subuddhi was an honest and holy man and led a good life while Kubuddhi was a wicked man and led a life of drinking and gambling.
(सुबुद्धि वॉज़ एन ऑनेस्ट एण्ड होली मैन एण्ड लैड अगुड लाइफ व्हाइल कुबुद्धि वॉज़ अ विकिड मैन एण्ड लैड अ लाइफ ऑफ ड्रिंकिंग एण्ड गैम्बलिंग।)
सुबुद्धि एक ईमानदार व सात्विक व्यक्ति था व एक अच्छी जिन्दगी व्यतीत करता था जबकि कुबुद्धि एक दुष्ट आदमी था व शराब पीकर व जुआ खेलकर अपनी जिन्दगी व्यतीत करता था।

Question 3.
What did Kubuddhi propose to Subuddhi?
(व्हॉट डिड कुबुद्धि प्रपोज़ टू सुबुद्धि?)
कुबुद्धि ने सुबुद्धि को क्या प्रस्ताव दिया?
Answer:
Kubuddhi proposed Subuddhi to leave the city and go to another country for getting money.
(कुबुद्धि प्रपोज्ड सुबुद्धि टू लीव द सिटी एण्ड गो टू एनदर। कण्ट्री फॉर गेटिंग मनी।)
कुबुद्धि ने सुबुद्धि के आगे शहर छोड़कर दूसरे देश जाकर। पैसा पाने का प्रस्ताव रखा।

Question 4.
What did Kubuddhi and Subuddhi find?
(व्हॉट डिड कुबुद्धि एण्ड सुबुद्धि फाइण्ड?)
‘कुबुद्धि व सुबुद्धि ने क्या ढूँढ़ा?
Answer:
Kubuddhi and Subuddhi found a pot containing a thousand gold coins.
(कुबुद्धि एण्ड सुबुद्धि फाउण्ड अ पॉट कन्टेनिंग अ थाऊसेण्ड गोल्ड कॉइन्स।)
कुबुद्धि व सुबुद्धि ने एक घड़ा जिसमें एक हजार सोने के सिक्के थे, पाया।

Question 5.
What was the problem before the judge?
(व्हॉट वॉज़ द प्रॉब्लम बिफोर द जज?)
न्यायाधीश के समक्ष क्या परेशानी आई?
Answer:
The problem before the judge was that he was unable to understand what to do since there were no witnesses.
(द प्रॉब्लम बिफोर द जज वॉज़ दैट ही वॉज़ अनेबल टू अण्डरसैण्ड व्हॉट टू डू सिन्स देअर वर नो विटनेसस।)
न्यायाधीश के सामने यह समस्या थी कि वे समझ नहीं पा रहे थे कि क्या करें क्योंकि उनके सामने कोई गवाह नहीं थे।

Question 6.
Why was the judge surprised when he heard the voice of the goddess of the forest?
(व्हाय वॉज़ द जज सरप्राइज्ड व्हेन ही हर्ड द वॉइस ऑफ द गॉडेस ऑफ द फॉरेस्ट?)
जब न्यायाधीश ने वनदेवी की आवाज सुनी तो वे आश्चर्यचकित क्यों हो गये?
Answer:
The judge was surprised to hear from the goddess of the forest that an honest man like Subuddhi could steal his friend’s gold.
(द जज वॉज़ सरप्राइज्ड टू हिअर फ्रॉम द गॉडेस ऑफ द फॉरेस्ट दैट एन ऑनेस्ट मैन लाइक सुबुद्धि कुड स्टील हिज़ फ्रेन्ड्स गोल्ड।)
न्यायाधीश वनदेवी से यह सुनकर आश्चर्यचकित हो गये कि सुबुद्धि जैसा ईमानदार व्यक्ति अपने मित्र का सोना चुरा सकता है।

Question 7.
What was the decision in the case of Kubuddhi and Subuddhi?
(व्हॉट वॉज़ द डिसीजन इन द केस ऑफ कुबुद्धि एण्ड सुबुद्धि?)
कुबुद्धि व सुबुद्धि के मुकदमे में क्या फैसला हुआ?
Answer:
In the case of Kubuddhi and Subuddhi, Kubuddhi was proved wicked and was ordered to give all eight hundred gold coins to Subuddhi and sentenced to prison for his wickedness.
(इन द केस ऑफ कुबुद्धि एण्ड सुबुद्धि, कुबुद्धि वॉज़ प्रूव्ड विकिड एण्ड वॉज़ ऑर्डर्ड टू गिव ऑल द ऍट हण्ड्रेड गोल्ड कॉइन्स टू सुबुद्धि एण्ड सेन्टेन्स्ट् टू प्रिज़न फॉर हिज़ विकिडेनस।)
कुबुद्धि व सुबुद्धि के मुकदमे में, कुबुद्धि दुष्ट साबित हुआ व उसे पूरे आठ सौ सोने के सिक्के सुबुद्धि को देने का आदेश हुआ व उसकी दुष्टता के लिए सजा हुई।

B. Answer the following questions. (Three or four sentences)
(निम्न प्रश्नों के उत्तर तीन या चार वाक्यों में दीजिए।)

Question 1.
Subuddhi and Kubuddhi found a pot of gold. What did Subuddhi propose to Kubuddhi?
(सुबुद्धि एण्ड कुबुद्धि फाउण्ड अ पॉट ऑफ गोल्ड। व्हॉट डिड सुबुद्धि प्रपोज टू कुबुद्धि?)
सुबुद्धि व कुबुद्धि ने सोने का घड़ा पाया। सुबुद्धि ने कुबुद्धि को क्या प्रस्ताव दिया?
Answer:
On finding a pot of gold Subuddhi proposed Kubuddhi to return back home as they had got enough money to become rich. He asked him to divide the gold and take the share and while rețurning home give fine dinners to their friends.

(ऑन फाइण्डिग अ पॉट ऑफ गोल्ड सुबुद्धि प्रपोज्ड् टू रिटर्न बैक होम एज़ दे हैड गॉट इनफ मनी टू बिकम रिच। ही आस्क्ड् हिम टू डिवाइड द गोल्ड एण्ड टेक दे शेयर एण्ड व्हाइल रिटर्निंग होम गिव फाइन डिनर्स टू देयर फ्रेण्ड्स।)

सोने का घड़ा पाने के पश्चात सुबुद्धि ने कुबुद्धि के समक्ष घर लौटने का प्रस्ताव रखा क्योंकि उनके पास अमीर बनने के लिए पर्याप्त धन था। उसने कुबुद्धि से कहा कि वे सोने का बँटवारा कर लेते हैं व अपना हिस्सा लेकर घर लौटते समय अपने मित्रों को शानदार दावत देते हैं।

Question 2.
What was Kubuddhi’s plan to cheat his friend?
(व्हॉट वॉज कुबुद्धिज़ प्लैन टू चीट हिज़ फ्रेन्ड?)
कुबुद्धि की अपने मित्र को धोखा देने की क्या योजना थी?
Answer:
Kubuddhi planned to cheat his friend’s share of gold coins by convincing him that they will take one hundred coins each and bury the remaining in the forest so that their friends may not ask them to lend some money or may steal it. He said that they would come back and take the money whenever they needed it. He said so, so that he may come back and steal his friend’s share.

(कुबुद्धि प्लैन्ड टू चीट हिज़ फ्रेन्ड्स शेयर ऑफ गोल्ड कॉइन्स बाइ कन्विसिंग हिम दैट दे विल टेक वन हण्ड्रेड कॉइन्स ईच एण्ड बरी द रिमेनिंग इन द फॉरेस्ट सो दैट देयर फ्रेन्ड्स मे नॉट आस्क देम लेण्ड सम मनी और मे स्टील इट। ही सेड दैट दे वुड कम बैक एण्ड टेक द मनी व्हेनवेर नीडेड इट। ही सेड सो, सो दैट ही मे कम बैक एण्ड स्टील हिज फ्रेन्ड्स शेयर।)

कुबुद्धि ने अपने मित्र के सोने का हिस्सा हड़पने की योजना बनायी। उसने उसे सोने के हिस्से में से सौ सिक्कों को छोड़कर बाकी सोना जंगल में दबाने के लिए कहा जिससे कि उनके दोस्त उनसे न तो पैसा उधार माँग सकें और न ही चुरा सकें। उसने कहा कि वे वापस आकर जरूरत पड़ने पर पैसा ले लेंगे। उसने ऐसा इसीलिए कहा जिससे कि वापस आकर अपने दोस्त का धन चुरा सके।

Question 3.
How did Kubuddhi take the help of his father in cheating Subuddhi?
(हाउ डिड कुबुद्धि टेक द हैल्प ऑफ हिज फादर इन चीटिंग सुबुद्धि?)
कुबुद्धि ने अपने पिता की सुबुद्धि को धोखा देने में किस प्रकार मदद ली?
Answer:
Kubuddhi made his father hide in the trunk of the banyan tree and asked him say that it was Subuddhi who had stolen the gold when the judge asks the goddess of forest. His father did so and in this way he helped him in cheating Subuddhi.

(कुबुद्धि मेड हिज़ फादर हाइड इन द ट्रंक ऑफ द बैनयन ट्री एण्ड आस्क्ड् हिम टू से दैट इट वॉज़ सुबुद्धि हू हैड स्टोलन द गोल्ड व्हेन द जज आस्क्स द गॉडेस ऑफ फॉरेस्ट। हिज़ फादर डिड सो एण्ड इन दिस वे ही हैल्य्ड् हिम इन चीटिंग सुबुद्धि।)

कुबुद्धि ने अपने पिता को बरगद के पेड़ के तने में छुपा दिया व उनसे कहा कि जब न्यायाधीश वन देवी से पूछे तब वे यह कहें कि सुबुद्धि ने सोना चुराया है। उसके पिता ने ऐसा ही किया और इस तरह कुबुद्धि को सुबुद्धि को धोखा देने में मदद की।

Question 4.
How did Subuddhi prove himself innocent at last?
(हाउ डिड सुबुद्धि प्रूव हिमसेल्फ इनोसेन्ट एट लास्ट?)
सुबुद्धि ने अन्त में स्वयं को निर्दोष किस प्रकार सिद्ध किया?
Answer:
Subuddhi told the judge that he had hid the stolen gold in the trunk of the banyan tree, in which Kubuddhi’s father was hiding. He said that since there was snake in it so he was unable to take out the gold and asked him to let him light a fire to drive out the snake and take out the gold. He did so and hence Kubuddhi’s father had to come out of the tree trunk thus proving that Subuddhi was innocent.

(सुबुद्धि टोल्ड द जज दैट ही हैड हिड द स्टोलन गोल्ड इन द ट्रंक ऑफ द बैनयन ट्री, इन व्हिच कुबुद्धिज़ फादर वॉज़ हाइडिंग। ही सेड दैट सिन्स देयर वॉज़ स्नेक इन इट सो ही वॉज़ अनेबल टू टेक आऊट द गोल्ड एण्ड आस्क्ड् हिम टू लेट हिम लाइट अ फायर टू ड्राइव आऊट द स्नेक एण्ड टेक आउट द गोल्ड। ही डिड सो एण्ड हेन्स कुबुद्धिज़ फादर हैड टू कम आऊट ऑफ द ट्री ट्रंक दस पूविंग दैट सुबुद्धि वॉज़ इनोसेन्ट।)

सुबुद्धि ने न्यायाधीश को बताया कि उसने चुराया हुआ सोना बरगद के पेड़ के तने में रखा है। उसी में कुबुद्धि के पिता छुपे हुए थे। उसने कहा कि वहाँ साँप होने की वजह से वह सोना निकाल नहीं पाया। उसने उनसे पेड़ में आग लगाकर साँप को भगाने व सोना निकालने की आज्ञा माँगी। उसके ऐसा करने पर कुबुद्धि के पिता को बाहर आना ही पड़ा व सुबुद्धि निर्दोश सिद्ध हुआ।

Language Practice

Combine these pairs using suitable connectors who, what, which, since. and write them in your notebooks.
(निम्न वाक्यों को who, what, which, since से जोडिए।)
1. (a) Subuddhi and Kubuddhi were friends.
(b) They lived in a village. (who)
Answer:
Subuddhi and Kubuddhi were friends who lived in village.

2. (a) The two friends found a pot.
(b) The pot contained a thousand gold coins. (which/that)
Answer:
The two friends found a pot which contained a thousand gold coins.

3. (a) He finished his money.
(b) He went back to the banyan tree. (when)
Answer:
He went back to the banyan tree when he finished his money.

4. (a) They dug up the place.
(b) They had buried their pot of gold. (where)
Answer:
They dug up the place where they had buried their pot of gold.

5. (a) Subuddhi was shocked to see the pot.
(b) There were no gold coins in it. (because)
Answer:
Subuddhi was shocked to see the pot because there were no gold coins in it.

6. (a) Someone has taken away all the gold.
(b) It is you. (who)
Answer:
It is you who has taken away all the gold.

7. (a) There were no witnesses.
(b) The judge did not know what to do. (since)
Answer:
Since there were no witnesses the judge did not know what to do.

8. (a) Tell your partner.
(b) How did Kubuddhi cheat his friend? (how)
Answer:
Tell your partner how Kubuddhi cheat his friend.

Listening Time

A. The teacher will read aloud the following words with proper stress and the students will repeat them.
(निम्न शब्दों को दोहशओ।)
Answer:
MP Board Class 10th General English The Spring Blossom Solutions Chapter 14 The Pot of Gold 1

B. Select any one book from the given list and write its name on a piece of paper. Your teacher will read out a brief general description of each book. Show your paper to the class when you hear the description of your book.
(किताब के वर्णन के आगे सम्बन्धित पुस्तक का नाम लिखिए)

Book List : (1) Herbal Medicine Guide, (2) Fitness for Men, (3) Eyesight, (4) The Brainpower, (5) Pet Care, (6) Science Tricks, (7) House Plants, (8) Brain Teasers, (9) Dictionary, (10) Dont Grow Old, Crow Healthy.
Answer:
MP Board Class 10th General English The Spring Blossom Solutions Chapter 14 The Pot of Gold 2

Speaking Time

Looking at the pictures given in the textbook ask the questions from your partner.

Question 1.
Who has a long thin face?
Answer:
Pinky has a long thin face.

Question 2.
Who has a square face?
Answer:
David has a square face.

Question 3.
Who has a round face?
Answer:
Rekha has a round face.

Question 4.
Who has thick eyebrows?
Answer:
David has thick eyebrows.

Question 5.
Who has a pointed nose?
Answer:
Pinky has a pointed nose.

Question 6.
Who has moustaches?
Answer:
David has moustaches.

Question 7.
Who has a hooked nose?
Answer:
David has a hooked nose.

Question 8.
Who has long straight hair?
Answer:
Pinky has long straight hair.

Question 9.
Who has dark curly hair?
Answer:
Rekha has dark curly hair.

Question 10.
Who has wavy fair hair?
Answer:
David has wavy fair hair.

Question 11.
Who is wearing a necklace?
Answer:
Rekha is wearing a necklace.

Writing Time

Write a short speech to be delivered on :
1. Gandhi Jayanti
2. Bal Divas
3. Republic Day.
Answer:
1. Gandhi Jayanti

Birthday of Mahatma Gandhi, the Father of the Nation is celebrated as Gandhi Jayanti. He was born on 2nd October at Porbandar in Gujarat. He is a symbol of peace and non-violence. He gave India freedom without any violence. On this day we remember him for his contributions done to our nation. We should try to follow his principles of truth and non-violence.

2. Bal Divas

Bal Divas is celebrated on the 14th of November. On this day we celebrate the birthday of Pt. Jawaharlal Nehru, the first Prime Minister of free India. He liked children and loved them. Therefore children called him Chacha Nehru. Because of his love for children his birthday is celebrated as Bal Divas or Children’s Day every year.

3. Republic Day

Republic Day is celebrated on 26th January every year. It is on this day that the constitution of free India came into force, i.e., on 26 January, 1950. Our thoughts on this day go back to the founding fathers of our constitution whose far-sighted vision and ardour labours gave us a constitution which enshrined the traditional concepts of liberty, equality and fraternity adding to them the concept of Justice social, economic and political and declaring our nation a sovereign democratic Republic. The word ‘Republic’ signifies that in our state supreme power is not exercised by some remote monarch but by the people. This is a day when we take pride in our achievements, but it is most surely also a day of honest self-analysis and self-questioning about where we, as a people and a society, are headed.

Things to do

1. Make a list of currencies used in different countries.
(विभिन्न देशों की मुद्रा लिखिए)
Answer:
The currencies used in some of the countries are
MP Board Class 10th General English The Spring Blossom Solutions Chapter 14 The Pot of Gold 3

2. Ask your parents/grandparents to tell a story. Write the story in English and narrate it in the class next day.
(अपने माता-पिता/दादा-दादीसे एक कहानी सुनिए। उसे अंग्रेजी में लिखिए व अपनी कक्षा में सुनाइए।)
Answer:
Students can do themselves.
(छात्र स्वयं करों)

The Pot of Gold Difficult Word Meanings

MP Board Class 10th General English The Spring Blossom Solutions Chapter 14 The Pot of Gold 4

The Pot of Gold Summary, Pronunciation & Translation

Subuddhi and Kubuddhi were two friends who lived in a certain village. Subuddhi was an honest and holy man and led a good life. Kubuddhi was a wicked man and led a life of drinking and gambling. In a little while Kubuddhi had finished all his money and was penniless. He went to Subuddhi and said, “Friend, we are both poor and do not have any money. Let us leave this city and go to another country.”

Subuddhi agreed. The two set out on a journey and travelled to many countries. They enjoyed looking at the new cities and their people and their way of life. Many years passed by but they could not make much money because they were always travelling.

(सुबुद्धि ऐण्ड कुबुद्धि वर टू फ्रेण्ड्स हू लिव्ड इन अ सर्टेन विलेज। सुबुद्धि वॉज ऐन ऑनेस्ट ऐण्ड होली मैन ऐण्ड लेड अ गुड लाइफ. कुबुद्धि वॉज़ अ विक्ड मैन एण्ड लेड अ लाइफ ऑफ ड्रिंकिंग ऐण्ड गैम्बलिंग. इन अ लिटल व्हाइल कुबुद्धि हैड फिनिश्ड ऑल हिज़ मनी एण्ड वॉज़ पेनिलैस. ही वेण्ट टू सुबुद्धि ऐण्ड सेड, “फ्रैण्ड, वी आर बोथ पूअर ऐण्ड डू नॉट हैव एनी मनी. लेट अस लीव दिस सिटी ऐण्ड गो टू अनदर कंट्री.”

सुबुद्धि अग्रीड. द टू सेट आउट ऑन अ जर्नी ऐण्ड ट्रैवल्ड टू मैनी कंट्रीज. दे एन्जॉइड लुकिंग एट द न्यू सिटीज ऐण्ड देयर पीपल ऐण्ड देयर वे ऑफ लाइफ. मैनी ईअर्स पास्ड बाई बट दे कुड नॉट मेक मच मनी बिकॉज़ दे वर ऑलवेज ट्रैवलिंग.)

अनुवाद :
सुबुद्धि व कुबुद्धि दो मित्र थे जो एक गाँव में रहते थे। सुबुद्धि एक ईमानदार, भला व धार्मिक व्यक्ति था और सदाचार का जीवन जीता था। कुबुद्धि दुष्ट प्रवृत्ति का था और शराब व जुए में अपना जीवन व्यतीत कर रहा था। कुछ ही समय में कुबुद्धि का सारा धन समाप्त हो गया और वह धनहीन हो गया। वह सुबुद्धि के पास गया और बोला, “मित्र, हम दोनों ही गरीब हैं और हमारे पास धन नहीं है। चलो हम यह शहर छोड़कर अन्य किसी देश में चलते हैं।

सुबुद्धि मान गया। दोनों यात्रा पर निकल पड़े और बहुत से देशों में गए। उनको नए-नए शहर, वहाँ के लोग व उनकी जीवन शैली देखने में बड़ा आनन्द आता था। बहुत से वर्ष बीत गए परन्तु वे अधिक धन न कमा सके क्योंकि वे एक स्थान पर अधिक। समय टिक कर नहीं रहते थे और यात्राएँ करते रहते थे।

Then, one day, suddenly their luck changed. While travelling through the forest the two friends discovered a pot containing a thousand gold coins. The friends were very happy about their discovery and danced with joy.

“Let us now return home,” said Subuddhi, “We have got what we have been looking for. This is enough to make both of us rich. There is no use of travelling any further. Let us divide the gold between us. You take your share. I shall take mine. On returning home we shall treat our friends to fine dinners. We are rich now.”

(देन, वनडे, सडन्ली देयर लक चेन्ज्ड. व्हाईल ट्रैवलिंग धू द फॉरेस्ट द टू फ्रण्ड्स डिस्कवर्ड अ पॉट कन्टेनिंग अ थाऊजेण्ड गोल्ड कॉइन्स. द फ्रेण्ड्स वर वेरी हैप्पी अबाऊट देयर डिस्कवरी ऐण्ड डान्सड विद जॉय.

“लेट अस नाऊ रिटर्न होम,” सेड सुबुद्धि “वी हैव गॉट व्हॉट वी हैव बीन लुकिंग फॉर. दिस इज़ एनफ्ट्र मेक बोथ ऑफ अस रिच. देयर इज़ नो यूज़ ऑफ ट्रैवलिंग एनी फर्दर. लेट अस डिवाईड द गोल्ड बिटवीन अस. यू टेक यॉर शेयर, आई शैल टेक माईन. ऑन रिटर्निंग होम वी शैल ट्रीट आवर फ्रण्ड्स टू फाइन। डिनर्स. वी आर रिच नाऊ.’)

अनुवाद :
फिर एक दिन, अचानक उनका भाग्य बदल गया। जंगल से गुजरते समय उन्हें एक घड़ा मिला जिसमें एक हजार सोने की मोहरें थीं। घड़ा पाकर दोनों मित्र बेहद खुश हुए और खुशी से नाचने लगे।

सुबुद्धि ने कहा, “चलो अब घर वापस चलते हैं। हम जो ढूँढ रहे थे वो हमें मिल गया। यह धन काफी है हम दोनों को धनी बनाने के लिए। अब और दूर जाना व्यर्थ है। हम यह सोना आपस में बाँट लेते हैं। तुम अपना भाग रखो मैं अपना। घर लौटकर हम लोग अपने मित्रों को शानदार दावत देंगे। हम अब धनी हैं।”

Kubuddhi was greedy and had a plan to cheat his friends of his share of the gold coins. He said, “It is unwise to take all the gold to the city. When the friends see so much money, they will ask us to lend some to them, or they may even steal it. Let’s take one hundred coins each and bury the remaining in the forests. We can always come back and take the money whenever we need it.”

Subuddhi agreed with Kubuddhi. Together they buried the money under an old banyan tree and returned to their homes with a part of their new found wealth.

(कुबुद्धि वॉज़ ग्रीडी ऐण्ड हैड अ प्लान टू चीट हिज़ फ्रेण्ड ऑफ हिज़ शेयर ऑफ द गोल्ड कॉइन्स. ही सेड, “इट इज़ अनवाइज़ टू टेक ऑल द गोल्ड टू द सिटी. व्हेन द फ्रेण्ड्स सी सो मच मनी, दे विल आस्क अस टू लेण्ड सम टू द, ऑर दे मे ईवन स्टील इट. लैट अस टेक वन हन्ड्रेड कॉइन्स ईच ऐण्ड बरी द रिमेनिंग इन द फॉरेस्ट. वी कैन ऑलवेज़ कम बैक ऐण्ड टेक द मनी व्हेनएवर वी नीड इट.”

सुबुद्धि अग्रीड विद कुबुद्धि. टुगेदर दे बरीड द मनी अण्डर एन ओल्ड बैन्यन ट्री ऐण्ड रिटन्ड टू देयर होम्स विद अ पार्ट ऑफ देयर न्यू फाउण्ड वेल्थ.)

अनुवाद :
कुबुद्धी लालची था और उसके मन में अपने मित्र को धोखा देकर उसके हिस्से के सोने के सिक्के हड़पने की योजना थी। उसने कहा, “सारा सोना लेकर घर लौटना अक्लमंदी नहीं है। जब मित्र लोग इतना धन देखेंगे तो वे लोग उधार माँगेगे और चुरा भी सकते हैं। ऐसा करते हैं कि हम सिर्फ सौ-सौ स्वर्ण मुद्राएँ लेते हैं और बाकी को जंगल में ही गाड़ देते हैं। हम कभी भी आकर यह धन ले सकते हैं जब भी जरूरत हो।”

सुबुद्धि मान गया। दोनों ने मिलकर धन को एक पुराने बरगद के वृक्ष के नीचे गाड़ दिया और अपने नए प्राप्त धन के साथ घर लौट गए।

Kubuddhi squandered his money in a very short time. When he had finished all his money he quickly went back to the banyan tree one dark night, dug up the pot of gold coins and returned home with the eight hundred gold coins. He buried the empty pot in its original place and returned home.

After a month, Kubuddhi went to Subuddhi and asked him to come along to the forest to take an equal amount of gold coins.

(कुबुद्धि स्क्वान्डर्ड हिज़ मनी इन अ वेरी शॉर्ट टाईम. व्हेन ही हैड फिनिश्ड ऑल हिज़ मनी ही क्विकली वेण्ट बैक टू द बैन्यन ट्री वन डार्क नाईट, डग अप द पॉट ऑफ गोल्ड कॉइन्स एण्ड रिटर्ड होम विद द ऐट हन्ड्रेड गोल्ड कॉइन्स. ही बरीड द एम्प्टी पॉट इन इट्स ओरिजनल प्लेस ऐण्ड रिटर्ड होम।

आफ्टर अ मंथ, कुबुद्धि वेण्ट टु सुबुद्धि ऐण्ड आस्क्ड हिम टू कम अलॉन्ग टू द फॉरेस्ट टू टेक ऐन ईक्वल अमाउण्ट ऑफ गोल्ड कॉइन्स।)

अनुवाद :
बहुत अल्प समय में ही कुबुद्धि ने अपना सारा धन उड़ा दिया। जब उसका धन खत्म हो गया तो वह अतिशीघ्र एक अँधेरी रात जंगल पहुँचा और बरगद के वृक्ष के नीचे खोदकर स्वर्ण मुद्राओं से भरा घड़ा निकालकर आठ सौ स्वर्ण मुद्राओं के साथ घर लौट आया और खाली घड़े को वापस वहीं गाड़ दिया।

एक महीने बाद कुबुद्धि सुबुद्धि के पास गया और उसे अपने साथ जंगल चलने के लिए कहा बराबर मात्रा में स्वर्ण मुद्राएँ लाने के लिए।

The two friends went together and dug up the place where they had buried their pot of gold coins. There were no gold coins in the pot. Subuddhi was shocked.

(द टू फ्रेण्ड्स वेण्ट टुगेदर ऐण्ड डग अप द प्लेस व्हेअर दे हैड बुरीड देयर पॉट ऑफ गोल्ड कॉइन्स. देयर वर नो गोल्ड कॉइन्स इन द पॉट. सुबुद्धि वॉज शॉक्ड.)

अनुवाद :
दोनों मित्रों ने मिलकर उस स्थान को खोद डाला जहाँ उन्होंने अपना स्वर्ण मुद्राओं से भरा घड़ा गाड़ा था। घड़े में स्वर्ण मुद्राएँ नहीं थीं। सुबुद्धि स्तंभित हो गया।

The wicked Kubuddhi then said, “Subuddhi, it is you who have taken away all that gold. If you do not agree to give me my share of four hundred gold coins, I will take the matter to the court.”

(द विकिड कुबुद्धि देन सेड, “सुबुद्धि इट इज़ यू हू हैव टेकन अवे ऑल दैट गोल्ड, इफ यू डू नॉट अग्री टू गिव मी माई शेयर ऑफ फोर हन्ड्रेड गोल्ड कॉइन्स. आई विल टेक द मैटर टू द कोर्ट।)

अनुवाद :
तब धूर्त कपटी कुबुद्धि ने कहा, “सुबुद्धि तुम ही हो जो सारा सोना ले गया है। यदि तुम मेरे हिस्से की चार सौ स्वर्ण मुद्राएँ देने को तैयार नहीं होते हो तो मैं इस मामले को न्यायालय में ले जाऊँगा।”

Subuddhi was angry and said, “How dare you speak to me like that, you scoundrel? I’m not a thief.” A quarrel arose between the two friends and the matter was brought before the judge. Upon hearing the whole story, the judge did not know what to do since there were no witnesses. Subuddhi had no witnesses but Kubuddhi said he had one the goddess of the forest. “If we go and ask her, she will be able to tell us which one of us stole the gold,” he suggested.

Kubuddhi went home and asked his father to help in his plan. “You have to hide in the trunk of the banyan tree and when the judge asks the goddess of the forest to say who stole the gold, you must say it as Subuddhi”.

(सुबुद्धि वॉज़ ऐंग्री ऐण्ड सेड “हाऊ डेयर यू स्पीक टू मी लाईक दैट, यू स्काउण्ड्रल? आई एम नॉट अ थीफ।” अ क्वारल अरोज़ बिटवीन द टू फ्रेण्ड्स ऐण्ड द मैटर वॉज़ ब्रॉट बिफोर द जज़। अपॉन हीयरिंग द होल स्टोरी, द जज डिड नॉट नो व्हॉट टू डू सिन्स देयर वर नो विटनेसिस. सुबुद्धि हैड नो विटनेसिस बट कुबुद्धि सेड ही हैड वन-द गॉडेस ऑफ द फॉरेस्ट “इफ वी गो ऐण्ड आस्क हर, शी विल बी एबल टु टैल अस व्हिच वन ऑफ अस स्टोल द गोल्ड,” ही सजस्टेड. कुबुद्धि वेण्ट होम ऐण्ड आस्क्ड हिज़ फादर टू हैल्प हिम इन हिज़ प्लान, “यू हैव टू हाइड इन द ट्रंक ऑफ द बैन्यन ट्री ऐण्ड व्हेन द जज आस्क्स द गॉर्डस ऑफ द फॉरेस्ट टू से हू स्टोल द गोल्ड, यू मस्ट से इट वॉज सुबुद्धि.”)

अनुवाद :
सुबुद्धि बेहद क्रोधित हुआ और कहा, “तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई मुझसे इस प्रकार बात करने की दुष्ट? मैं कोई चोर नहीं हूँ।” दोनों मित्रों के बीच झगड़ा शुरू हो गया और फिर मामला न्यायाधीश के सामने लाया गया। पूरी कहानी सुनने के बाद न्यायाधीश को समझ नहीं आया कि क्या करना चाहिए क्योंकि कोई भी साक्षी (गवाह) नहीं था। सुबुद्धि के पास कोई गवाह नहीं था परन्तु कुबुद्धि ने कहा कि उसके पास एक गवाह है-जंगल की देवी। “यदि हम जाकर उनसे पूछे तो वह यह बता पाएँगी कि हममें से किसने सोना चुराया,” उसने सुझाव दिया।

कुबुद्धि घर गया और अपने पिता से अपनी योजना में मदद करने के लिए कहा, “आपको बरगद के वृक्ष के तने में छुपना है और जब जंगल की देवी से पूछे कि सोना किसने चुराया, आपको कहना होगा सुबुद्धि।”

The father was reluctant, but Kubuddhi forcefully took him to the banyan tree in the night and made him hide in the trunk.

The early next morning Subuddhi, the judge and Kubuddhi came to the banyan tree. The judge then called out in a loud voice “Oh! goddess of the forest, tell us which one of the two has taken the gold. Speak!” In a deep voice the father of Kubuddhi replied, “It is Subuddhi who has stolen the gold!”

The judge was surprised to hear that an honest man like Subuddhi could steal his friends gold. However, thinking that it was the goddess of the forest who had really spoken to them, he said to Subuddhi, “Tell me what your punishment for robbing friend should be”.

(द फादर वॉज रिलक्टैण्ट, बट कुबुद्धि फोर्सफुली टुक हिम टू द बैन्यन ट्री इन द नाईट एण्ड मेड हिम हाईड इन द ट्रंक.

द अर्ली नेक्स्ट मॉर्निंग सुबुद्धि, द जज ऐण्ड कुबुद्धि केम टू द बेन्यन ट्री. द जज देन कॉल्ड आऊट इन अ लाऊड वॉईस-“ओह! गॉडेस ऑफ द फॉरेस्ट, टैल अस व्हिच वन ऑफ द टू हैज़ टेकिन द गोल्ड स्पीक.” इन अ डीप वॉइस द फॉदर ऑफ कुबुद्धि रिप्लाईड, “इट इज़ सुबुद्धि हू हैज़ स्टोलन द गोल्ड.”

द जज वॉज़ सरप्राइज्ड टू हीयर दैट ऐन ऑनेस्ट न लाइक सुबुद्धि कुड स्टील हिज़ फ्रेण्ड्स गोल्ड. हाऊएवर, थिंकिंग दैट – इट वॉज़ द गॉडेस ऑफ द फॉरेस्ट हू हैड रीयली स्पोकन टू दैम, ही सेड टू सुबुद्धि, “टैल मी व्हॉट यॉर पनिश्मैण्ट फॉर रॉबिंग फ्रेण्ड शुड बी.”)

अनुवाद :
पिता अनिच्छुक थे परन्तु कुबुद्धि जबरदस्ती उन्हें रात को उस बरगद के वृक्ष के पास ले गया और उन्हें उसके तने में छुपा दिया।

अगले दिन भोर में ही सुबुद्धि, न्यायाधीश और कुबुद्धि बरगद के वृक्ष के पास पहुँचे। न्यायाधीश ने तब तेज़ आवाज में पुकारा-“ओ जंगल की देवी, बताइए इन दोनों में से कौन सोना ले गया। बोलिए!” कुबुद्धि के पिता ने गहरी, गम्भीर वाणी में उत्तर दिया।” सुबुद्धि है जिसने सोना चुराया।”

न्यायाधीश यह सुनकर बहुत हैरान थे कि सुबुद्धि जैसे ईमानदार आदमी ने अपने मित्र का सोना चुराया। तब भी यह सोचकर कि वह वास्तव में जंगल की देवी थी जिसने उन लोगों से बात की उन्होंने सुबुद्धि से कहा, “बताओ मित्र को लूटने के लिए तुम्हारी क्या सज़ा होनी चाहिए।”

Subuddhi knew that the goddess would never lie, which meant that somebody was hiding in the tree. He thought for a moment and then said, “My lord, it is true that I stole the gold like the goddess says. I hid it in the hollow trunk of this tree. After hiding it I was about to return when I saw a great black snake enter into the trunk. I was afraid to come and take the gold. It is all safe in there. Permit me to light a fire to drive out the snake. Thus we will be able to take out the gold. You can thereafter punish me in any way you feel fit.” The judge saw no reason to disagree with Subuddhi’s request. He granted it. Subuddhi instantly lit a big fire around the tree. Kubuddhi was afraid. He knew that his father was hiding within but he could not say anything in the presence of the judge.

(सुबुद्धि न्यू दैट द गॉडेस वुड नेवर लाई, व्हिच मैन्ट दैट सम्बडी वॉज़ हाईडिंग इन द ट्री. ही थॉट फॉर अ मोमेण्ट एण्ड देन सेड, “माई लॉर्ड, इट इज़ टू दैट आई स्टोल द गोल्ड लाइक द गॉडेस सेज़. आई हिड इट इन द हॉलो ट्रंक ऑफ दिस ट्री. आफ्टर हाईडिंग इट आई वॉज़ अबाऊट टू रिटर्न व्हेन आई साँ अ ग्रेट ब्लैक स्नेक एण्टर इण्टू द ट्रंक. आई वॉज़ अफ्रेड टू कम ऐण्ड टेक द गोल्ड. इट इज ऑल सेफ इन देयर. परमिट मी टू लाईट अ फायर टू ड्राइव आऊट द स्नेक. दस वी विल बी एबल टू टेक आऊट द गोल्ड. यू कैन देयरआफ्टर पनिश मी इन एनी वे यू फील फिट.” द जज सॉ नो रीज़न टु डिसअग्री विद सुबुद्धिज़ रिक्वेस्ट. ही ग्राण्टिड इट. सुबुद्धि इन्स्टैण्टली लिट अ बिग फायर अराऊण्ड द ट्री. कुबुद्धि वॉज़ अफ्रेड. ही न्यू दैट हिज फादर वॉज़ हाईडिंग विदिन बट ही कुड नॉट से एनीथिंग इन द प्रजेन्स ऑफ द जज.)

अनुवाद :
सुबुद्धि जानता था कि देवी झूठ नहीं बोल सकती, इसका अर्थ था कि कोई वृक्ष में छुपा हुआ है। उसने कुछ पल के लिए सोचा फिर बोला, “मेरे हुजूर, यह सत्य है कि मैंने ही सोना चुराया जैसा कि देवी कह रही हैं। मैंने सोने को वृक्ष के खोखले तने में छुपा दिया था। जब मैं सोना छुपाकर वापिस लौट रहा था तो मैंने एक विशालकाय काले सर्प को वृक्ष की खोह में प्रवेश करते देखा। वापस आकर सोना निकालने में मुझे डर लग रहा था। सोना वहाँ सुरक्षित है। मुझे उस सर्प को भगाने के लिए आग जलाने की आज्ञा दें। फिर हम वह सोना निकाल पाएँगे। फिर उसके बाद आप मुझे सज़ा दे सकते हैं जो भी आप उचित समझें।” न्यायाधीश को सुबुद्धि की प्रार्थना ठुकराने का कोई कारण दिखाई नहीं दिया। उन्होंने आज्ञा दे दी। सुबुद्धि ने तुरन्त वृक्ष के चारों तरफ आग लगा दी। कुबुद्धि भयभीत था। वह जानता था कि उसके पिताजी वृक्ष में छुपे हुए हैं परन्तु न्यायाधीश के मौजूद होने के कारण वह कुछ न बोल सका।

Soon the dry leaves began to burn brightly. The smoke and the fire made it difficult for Kubuddhi’s father to remain within any longer. He began shouting for help and jumped out of the hollow in the trunk, in the presence of the judge and Subuddhi.

It took no time for the judge to understand that it was all part of Kubuddhi’s plan. The judge ordered Kubuddhi to give all the eight hundred gold coins to Subuddhi and sentenced him to prison for his wickedness.

(सून द ड्राई लीव्ज़ बिगैन टू बर्न ब्राईटली. द स्मोक ऐण्ड द फायर मेड इट डिफिकल्ट फॉर कुबुद्धीज़ फादर टू रिमेन विदिन एनी लॉन्गर. ही बिगैन शाऊटिंग फॉर हेल्प ऐण्ड जम्प्ड् आऊट ऑफ द हॉलो इन द ट्रक, इन द प्रजेन्स ऑफ द जज ऐण्ड सुबुद्धि.

इट टुक नो टाइम फॉर द जज टू अण्डरस्टैण्ड दैट इट वॉज ऑल पार्ट ऑफ कुबुद्धीज़ प्लान. द जज ऑडर्ड कुबुद्धि टू गिव ऑल द ऐट हन्ड्रेड गोल्ड कॉइन्स टू सुबुद्धि एण्ड सेन्टेन्स्ड हिम टु प्रिजन फॉर हिज़ विकिडनैस.)

अनुवाद :
शीघ्र ही सूखी पत्तियाँ तेजी से जलने लगीं। आग और धुएँ ने कुबुद्धि के पिता के लिए और छुपे रहना मुश्किल कर दिया। वे मदद के लिए चिल्लाने लगे और वृक्ष के खोखले तने से कूदकर बाहर आ गए न्यायाधीश व सुबुद्धि के सामने।

न्यायाधीश को यह समझने में जरा भी देर नहीं लगी कि यह सब कुबुद्धि की योजना का हिस्सा है। न्यायाधीश ने कुबुद्धि को पूरी आठ सौ स्वर्ण मुद्राएँ सुबुद्धि को देने का आदेश दिया और – उसे उसकी दुष्टता के लिए कारागार में डाल दिया।

We as a team believe the knowledge shared on our page regarding the MP Board Solutions for Class 10th English Chapter 14 The Pot of Gold Questions and Answers has cleared all your queries. For any other help don’t hesitate and leave us a comment so that we will get back to you at the soonest. Stay connected to our page to avail the latest updates regarding the MP Board Solutions for various subjects in a matter of seconds.

Leave a Comment