MP Board Class 10th General English The Spring Blossom Solutions Chapter 9 The Tribute-I

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MP Board Class 10th General English The Spring Blossom Solutions Chapter 9 The Tribute-I

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The Tribute-I Textual Exercises

Word Power

A. Make antonyms of the words in column (2) by adding appropriate prefixes from column (1)
(सही उपसर्ग जोड़कर विलोम शब्द बनाइए।)
MP Board Class 10th General English The Spring Blossom Solutions Chapter 9 The Tribute-I 1
Answer:
1. illegal
2. unusual
3. immoral
4. dissatisfied
5. inappropriate.

B. Give one-word substitute for the following expressions (the first letter is given as clue)
(एक शब्द दीजिए)
Answer:

  1. a child whose parents are dead. (orphan)
  2. the feeling of having lost all hope. (despair)
  3. to take away something quickly from a person, specially by force. (snatch)
  4. to continue to cause problem for someone for a long time. (haunt)
  5. an object that is worn as jewellery. (ornament)

C. Rearrange the letters to form new words.
(नर्य शब्द बनाइए)
Answer:

  1. complacency – place, lace, come, lay, one, once, play, plane.
  2. retain – rain, train, tea, near, tear, art, ant.
  3. despair – pair, spare, dear, read, spade, pear, pea.
  4. pathetic – path, cap, heap, hat, hate, tea, heat.
  5. ornament – nor, meat, team, tore, tear, rent, near, mate.

How Much Have I Understood?

A. Answer these questions. (One or two sentences)
(निम्न प्रश्नों के उत्तर एक या दो वाक्यों में दीजिए।)

Question 1.
Why did Babuli shrink within?
(व्हाय डिड बाबुली जिंक विदिन?)
बाबुली अन्दर ही अन्दर क्यों हिल गया?
Answer:
Babuli shrank within for not writing letters home for a long time.
(बाबुली (क विदिन फॉर नॉट राइटिंग लैटर्स होम फॉर अ लाँग टाइम।)
बाबुली लम्बे समय से घर पत्र न लिखने के कारण हिल गया।

Question 2.
What was the routine affair of Babuli in his student days?
(व्हॉट वॉज द रुटीन अफेयर ऑफ बाबुली इन हिज स्टूडेन्ट डेज़?)
बाबुली की अपने विद्यार्थी काल की दिनचर्या क्या थी?
Answer:
In his student days, going to his home in a distant village was a routine affair of Babuli.
(इन हिज़ स्टूडेन्ट डेज़, गोइंग टू हिज़ होम इन अ डिस्टेन्ट विलेज वॉज़ अ रुटीन अफेयर ऑफ बाबुली।)
अपने विद्यार्थी काल में, अपने घर जो कि दूरस्थ गाँव में था जाना, बाबुली की दिनचर्या में शामिल था।

Question 3.
Why did Babuli’s mother complain?
(व्हाय डिड बाबुलीज मदर कम्प्लेन?)
बाबुली की माँ शिकायत क्यों करती है?
Answer:
Babuli’s mother complained for his negligence of writing letters to him.
(बाबुलीज मदर कम्प्लेन्ड फॉर हिज़ नेग्लिजेन्स ऑफ राइटिंग लेटर्स टू हिम।)
बाबुली की माँ ने उसकी उन्हें पत्र न लिखने की लापरवाही के कारण शिकायत की।

Question 4.
Why did Babuli’s mother stop complaining?
(व्हाय डिड बाबुलीज मदर स्टॉप कम्प्लेनिंग?)
बाबुली की माँ ने शिकायत करना क्यों छोड़ दिया?
Answer:
Babuli’s mother stopped complaining because she understood that he was busy and preoccupied.
(बाबुलीज़ मदर स्टॉप्ड कम्प्लेनिंग बिकॉज़ शी अण्डरस्टुड दैट ही वॉज़ बिजी एण्ड प्रीऑक्युपाइड।)
बाबुली की माँ ने शिकायत करना छोड़ दिया क्योंकि वे समझ गयीं कि वो व्यस्त व अपने कार्य में तल्लीन था।

Question 5.
How did Babuli’s elder brother care for him when he was a student?
(हाउ डिड बाबुलीज एल्डर ब्रदर केयर फॉर हिम व्हेन ही वॉज अ स्टूडेन्ट?)
बाबुली के बड़े भाई ने उसकी उसके विद्यार्थीकाल में किस प्रकार सेवा की?
Answer:
When Babuli was a student his elder brother enquired about his well-being. When he used to stay at home he would catch fish for him and would ask his wife to prepare a good dish for him.
(व्हेन बाबुली वॉज अ स्टूडेन्ट हिज एल्डर ब्रदर एंक्वायर्ड अबाऊट हिज वेल-बीइंग। व्हेन ही यूज्ड टू स्टे एट होम ही वुड कैच फिश फॉर हिम एण्ड वुड आस्क् हिज वाइफ टू प्रिपेअर अ गुड डिश फॉर हिम।)
बाबुली के विद्यार्थीकाल में उसके बड़े भाई उसके भले के बारे में पूछा करते थे। जब वो घर पर रहता था तो वो उसके लिए मछली पकड़कर लाया करते थे व अपनी पत्नी से उसके लिए स्वादिष्ट भोजन बनाने के लिए कहते थे।

Question 6.
Why did Babuli’s brother write him a letter?
(व्हाय डिड बाबुलीज़ ब्रदर राइट हिम आ लैटर?)
बाबुली के भाई ने उसे पत्र क्यों लिखा?
Answer:
Babuli’s brother had written to him a letter because their property was to be divided into three parts so his presence was essential.
(बाबुलीज ब्रदर हैड रिट्न् टू हिम अ लैटर बिकॉज़ देयर प्रॉपर्टी वॉज टू बी डिवाइडिड इन्टू थ्री पार्ट्स सो हिज प्रेजेन्स वॉज एसेन्शियल।)
बाबुली के भाई ने उसे पत्र लिखा था क्योंकि उनकी सम्पत्ति का तीन हिस्सों में बँटवारा होना था व उसकी उपस्थिति अनिवार्य थी।

Question 7.
Who was adamant about the division of the property?
(हू वॉज ऐडमन्ट अबाऊट द डिवीजन ऑफ द प्रॉपर्टी?
सम्पत्ति के बँटवारे के लिए कौन दृढ़ था?
Answer:
Babuli’s second brother was adamant about the division of the property.
(बाबुलीज सैकण्ड ब्रदर वॉज ऐडमन्ट अबाऊट द डिवीजन ऑफ द प्रॉपर्टी।)
बाबुली के दूसरे भाई सम्पत्ति के बँटवारे के लिए दृढ़ थे।

Question 8.
How did Babuli’s wife plan to use the money?
(हाउ डिड बाबुलीज वाइफ प्लैन टू यूज द मनी?)
बाबुली की पत्नी ने पैसों के इस्तेमाल की क्या योजना बनाई?
Answer:
Babuli’s wife planned to buy a fridge and a scooter and to put the rest of the money in bank.
(बाबुलीज वाइफ प्लैण्ड टू बॉय अ फ्रिज एण्ड अ स्कूटर एण्ड टू पुट दं रेस्ट ऑफ द मनी इन बैंक।)
बाबुली की पत्नी ने एक फ्रिज़ व एक स्कूटर खरीदने व बचा हुआ पैसा बैंक में रखने की योजना बनाई।

Question 9.
How did Babuli feel listening to his wife’s plan?
(हाउ डिड बाबुली फील लिसनिंग टू हिज वाइफ्स प्लैन?)
बाबुली को अपनी पत्नी की योजना सुनना कैसा लग रहा था?
Answer:
Babuli, while listening to his wife’s plan felt that he was an innocent lamb and butcher was sharpening his knife to tear him to pieces and saying that there is a better life after death.
(बाबुली, व्हाइल लिसनिंग टू हिज वाइफ्स प्लैन फेल्ट् दैट ही वॉज एन इनोसेन्ट लैम्ब एण्ड अ बुचर वॉज़ शार्पनिंग हिज नाइफ टू टीयर हिम टू पीसेज एण्ड सेइंग दैट देयर इज़ अ बैटर लाइफ आफ्टर डैथ।)
बाबुली ने अपनी पत्नी की योजना सुनते हुए महसूस किया कि जैसे वो एक मासूम मेमना है व एक कसाई उसके टुकड़े करने के लिए अपनी छुरी की धार तेज कर रहा है व कह रहा है कि मृत्यु के बाद बेहतर जिन्दगी है।

Question 10.
How much time did Babuli take to become normal?
(हाउ मच टाइम डिड बाबुली टेक टू बिकम नॉर्मल?)
बाबुली ने सामान्य होने में कितना समय लगाया?
Answer:
It took Babuli two days to become normal.
(इट टुक बाबुली टू डेज टू बिकम नॉर्मल।)
बाबुली को सामान्य होने में दो दिन लगे।

B. Answer these questions. (Three or four sentences)
(निम्न प्रश्नों के उत्तर तीन या चार वाक्यों में दीजिए।)

Question 1.
Describe the changes that occurred in the life of Babuli.
(डिस्क्राइब द चेन्जेज़ दैट ऑकर्ड इन द लाइफ ऑफ बाबुली।)
बाबुली की जिन्दगी में आये बदलावों का वर्णन कीजिए।
Answer:
Several changes occurred in Babuli’s life after he got his job. He did not go to his home even once and also did not write any letter. He became busy in his own life and job.
(सैवरल चेन्जेज़ ऑकर्ड इन बाबुलीज़ लाइफ आफ्टर ही गॉट हिज़ जॉब। ही डिड नॉट गो टू हिज होम ईवन वन्स एण्ड ऑल्सो डिड नॉट राईट एनी लैटर। ही बिकेम बिज़ी इन हिज़ ओन लाइफ एण्ड जॉब।)
बाबुली के कार्यरत होने के पश्चात् उसमें कई बदलाव आये। वो अपने घर एक बार भी नहीं गया व उसने वहाँ एक भी पत्र नहीं लिखा। वह अपने कार्य व अपनी जिन्दगी में व्यस्त हो गया।

Question 2.
What was the effect of the letter on Babuli?
(व्हॉट वॉज़ द इफेक्ट ऑफ द लैटर ऑन बाबुली?)
बाबुली पर पत्र का क्या प्रभाव पड़ा?
Answer:
Babuli felt helpless and orphaned on reading the letter. He became despaired and restless.
(बाबुली फेल्ट हैल्पलेस एण्ड ऑफन्ड ऑन रीडिंग द लैटर। ही बिकेम डिस्पेयर्ड एण्ड रेस्टलेस।)
बाबुली पत्र पढ़ने के पश्चात स्वयं को असहाय व अनाथ महसूस करने लगा। वह निराश व बेचैन हो गया।

Question 3.
What was the reaction of Babuli’s wife when she heard about the division?
(व्हॉट वॉज़ द रिएक्शन ऑफ बाबुलीज़ वाइफ व्हेन शी हर्ड अबाऊट द डिवीज़न?)
बाबुली की पत्नी की बँटवारे की खबर सुनने के पश्चात् क्या प्रतिक्रिया थी?
Answer:
When Babuli’s wife heard about the division she was totally undisturbed. She only asked when was it to take place as if she was totally prepared for it.
(व्हेन बाबुलीज़ वाइफ हर्ड अबाऊट द डिवीज़न शी वॉज टोटली अनडिस्टर्ड। शी ओनलि आस्क्ड व्हेन वॉज़ इट टू टेक प्लेस एज़ इफ शी वॉज़ टोटलि प्रिपेअर्ड फॉर इट।)
जब बाबुली की पत्नी ने बँटवारे के विषय में सुना तो वो जरा भी व्याकुल नहीं हुई। उसने बस इतना ही पूछा कि वह कब होगा मानो वह उसके लिए पहले से ही तैयार थी।

Question 4.
How did Babuli’s elder brother take him home from his tuitions?
(हाउ डिड बाबुलीज़ एल्डर ब्रदर टेक हिम होम फ्रॉम हिज़ ट्यूशन्स?)
बाबुली के बड़े भाई उसे उसके ट्यूशन से घर कैसे लेकर जाते थे?
Answer:
Babuli’s elder brother waited for him in the dark while he was returning home from tuitions. He carried his lantern, bag of books and notes. He sometimes held his hand while walking.
(बाबुलीज़ एल्डर ब्रदर वेटिड फॉर हिम इन द डार्क व्हाइल ही वॉज़ रिटर्निंग होम फ्रॉम ट्यूशन्स। ही कैरिड हिज़ लैन्टर्न, बैग ऑफ बुक्स एण्ड नोट्स। ही समटाइम्स हेल्ड् हिज़ हैण्ड व्हाइल वॉकिंग।)
बाबुली के बड़े भाई उसके ट्यूशन से लौटते समय उसका अँधेरे में इन्तजार करते थे। वे अपना लालटेन, उसकी किताबों का बस्ता उठाया करते थे। वे कभी-कभी चलते समय उसका हाथ पकड़ लेते थे।

Language Practice

A. Fill in the blanks with an infinitive, gerund or a participle.
(रिक्त स्थान भरो।)

  1. Kamini decided ………. alone. (to go/going)
  2. She is thinking of ………. a car. (buying/bought/to buy)
  3. Reshma felt …….. on getting the scholarship. (delighting/delighted/to delight)
  4. He promised …………. the money soon. (returning/to return)
  5. Parents postponed ……….. their daughter’s marriage. (to celebrate/celebrating)

Answer:

  1. to go
  2. buying
  3. delighted
  4. to return
  5. to celebrate.

B. Fill in the blanks with correct alternatives.
(रिक्त स्थान भरिए।)

  1. Shikha refused ………. the doll. (leaving/to leave)
  2. You should avoid …….. mistakes. (making/to make)
  3. I don’t fail ……….. promises. (to keep/keeping)
  4. Would you mind ……… for me? (to wait/waiting)
  5. He has decided ………. smoking. (to give up/giving up)

Answer:

  1. to leave
  2. making
  3. to keep
  4. waiting
  5. to give up

Listening Time

A. The teacher will read out the following words and the students will repeat them.
(निम्न शब्दों को दोहराओ।)
Answer:
MP Board Class 10th General English The Spring Blossom Solutions Chapter 9 The Tribute-I 2

B. Listen to your teacher carefully and complete the following grid. Put a (✓) or an (✗). (Students will draw the grid in their copies.)
(अपने शिक्षक की बात सुनकर निम्न तालिका भरिए।)
Answer:
MP Board Class 10th General English The Spring Blossom Solutions Chapter 9 The Tribute-I 3

Writing Time

Study the given paragraph. What is the topic sentence of the paragraph?
Find out the sentence/s which do/es not belong to the paragraph (intruders).
Answer:
Topic sentence :
Carbohydrates, source of energy

Any intruders :
Proteins are body builders. (irrelevant sentence)

Things to do

Make a list of the days and dates on which we pay tribute to our great leaders and freedom fighters and write them in your notebooks.
(कौन से दिनों व तारीखों में हम महान् नेताओं व क्रान्तिकारियों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।)
Answer:
We pay tribute to our great leaders and freedom fighters on Independence day-15 August and Republic day-26 January.

The Tribute-I Difficult Word Meanings

MP Board Class 10th General English The Spring Blossom Solutions Chapter 9 The Tribute-I 4

The Tribute-I Summary, Pronunciation & Translation

As I reached my desk in the office, my eyes stopped over a letter. It contained that familiar, petite handwriting of my elder brother. After a very long time he had written to me. I shrank within for not writing letters home, all these days.

In my student days, it was almost a routine affair. I used to go home to that distant village on a rickety bus, caring nothing for the strain of the journey. My home-my village-they used to pull me away from the moribund city life. Now things have changed and I too have changed, a great deal at that! A lot of cobwebs have settled around me. I am swept by that invisible tide of time, and business. I was studying at Bhuvaneswar, where I got my job and now for these two years, I have thought of home not even once. Many a time my mother has written letters complaining about my negligence in writing to her. She has even reminded me of those pre-marriage days of mine.

(ऐज़ आई रीच्ड माई डेस्क इन द ऑफिस, माई आईज़ स्टॉप्ड ओवर अ लैटर इट कण्टेन्ड दैट फैमिलियर, पेटाईट। हैण्डराईटिंग ऑफ माई एल्डर ब्रदर आफ्टर अ वेरी लॉन्ग टाईम ही हैड रिटन टू मी. आई बैंक विदिन फॉर नॉट राइटिंग लैटर्स होम, ऑल दीज डेज़.

इन माई स्टुडेण्ट डेज़, इट वॉज़ ऑल्मोस्ट अ रुटीन अफेयर आई यूज्ड टू गो होम टू दैट डिस्टेण्ट विलेज ऑन अ रिकेटी बस, केयरिंग नथिंग फॉर द स्ट्रेन ऑफ द जर्नी। माई होम-माई विलेज़ दे यूज्ड टू पुल मी अवे फ्रॉम द मोरीबण्ड सिटी लाइफ नाऊ थिंग्स हैव चेन्ज्ड ऐण्ड आई टू हैव चेन्ज्ड, अ ग्रेट डील ऐट दैट! अलॉट ऑफ कॉबबेब्स हैव सेटल्ड अराउण्ड मी. आई ऐम स्वेप्ट बाई दैट इनविजिबल टाईड ऑफ टाईम ऐण्ड बिजनेस. आई वॉज स्टडिंग ऐट भुवनेश्वर, व्हेयर आई गॉट माई जॉब ऐण्ड नाऊ फॉर दीज़ टू यीअर्स, आई हैव थॉट ऑफ होम नॉट ईवन वन्स, मेनी अ टाईम माई मदर हैज़ रिटन लैटर्स कम्प्लेनिंग अबाऊट माई नेग्लिजेन्स इन राइटिंग टू हर. शी हैज ईवर रिमाईन्डिड मी ऑफ दोज प्री-मैरिज डेज ऑफ माईन.)

अनुबाद :
जब मैं दफ्तर में अपनी मेज तक पहुँचा मेरी आँखें एक पत्र पर रुक गईं। उस पर मेरे बड़े भाई की जानी पहचानी खूबसूरत लिखाई थी। काफी समय बाद उन्होंने मुझे पत्र लिखा था। मैं इतने समय से घर कोई चिट्ठी न लिखने के ख्याल से अन्दर-ही-अन्दर सिकुड़ गया।

पढ़ाई के दिनों में यह प्रायः मेरा नियमित कार्यक्रम था। मैं सुदूर गाँव में अपने घर जाया करता था जर्जर खटारा बस में सफर की मुश्किलों की परवाह न करते हुए। मेरा घर मेरा-गाँव वे मुझे अपनी ओर खींचते थे मृतप्रायःशहरी जीवन से दूर। अब चीजें बदल चुकी हैं और मैं भी काफी बदल चुका हूँ। कई प्रकार के जाले मेरे चारों ओर लग चुके हैं। मैं समय और व्यवसाय के अदृश्य ज्वार में बह रहा हूँ। मैं भुवनेश्वर में पढ़ाई कर रहा था, जहाँ मुझे नौकरी मिली और इन दो वर्षों में मैंने एक बार भी घर के विषय में नहीं सोचा था। कई बार मेरी माँ ने उनको पत्र न लिखने की शिकायत करते हुए कई बार मुझे पत्र लिखे। उन्होंने मुझे मेरे विवाह-पूर्व के दिनों की भी याद दिलाई।

Yet I have never been able to break standards of complacency which have coiled around me. I have kept quiet to prove that I am busy and preoccupied. Now she does not complain. Probably, she understand my position.

Usually my elder brother does not write to me. He does not need anything from me. He has never sought a token from me in lieu of his concern for me as an elder brother. In those days when I was a student, the only thing that he enquired about was my well-being. During my stay at home, he would catch fish for me from the pond behind our house and would ask his wife to prepare a good dish, for I loved fish. When the catch was scantly, the dish would be prepared exclusively for me. He would say to his wife. “You must make the dish as delicious as possible, using mustard paste for Babuli.” Even now, he is the same man with the same tone of love and compassion. Nothing has changed him-his seven children, father, mother, cattle, fields, household .responsibilities. He is the same-my elder brother.

(येट आई हैव नेवर बीन एबल टू ब्रेक दोज़ स्टैण्डर्ड्स ऑफ कॉम्प्लेसेन्सी विच हैव कॉइल्ड अराऊण्ड मी आई हैव केप्ट क्वाईट टू प्रूव दैट आई ऐम बिजी ऐण्ड प्रीऑक्यूपाईड नाऊ शी डज नॉट कम्पलेन प्रोबैब्ली, शी अण्डरस्टैण्ड्स माई पोजिशन

यूज्युअली माई एल्डर ब्रदर डज़ नॉट राईट टू मी. ही डज़ नॉट नीड एनीथिंग फ्रॉम मी ही हैज नेवर सॉट अ टोकन फ्रॉम मी इन लियू ऑफ हिज़ कन्सर्न फॉर मी ऐज ऐन एल्डर ब्रदर। इन दोज डेज व्हेन आई वॉज अ स्टुडेण्ट, द ओनली थिंग दैट ही एन्क्वायर्ड अबाऊट वॉज माई वैल-वीइंग ड्यूरिंग माई स्टे ऐट होम, ही वुड कैच फिश फॉर मी फ्रॉम द पॉण्ड बिहाइन्ड आवर हाउज ऐण्ड वुड आस्क हिज वाईफ टू प्रिपेअर अ गुड डिश, फॉर आई लव्ड फिश व्हेन द कैच वॉज स्कैण्टी, द डिश वुड बी प्रिपेअर्ड एक्सक्लूजिवली फॉर मी. ही वुड से टू हिज़ वाईफः “यू मस्ट मेक द डिश ऐज डेलिशियस ऐज पॉसिबल, यूजिंग मस्टर्ड पेस्ट फॉर बाबुली” ईवर नाऊ, ही इज द सेम मैन विद द सेम टोन ऑफ लव ऐण्ड कम्पैशन नथिंग हैज चेन्ज्ड हिम-हिज् सेवन चिल्ड्रन, फादर, मदर, कैटल, फील्ड्स, हाउजहोल्ड रिस्पॉन्सिबिलीटीज. ही इज द सेम-माई एल्डर ब्रदर.)

अनुवाद :
फिर भी मैं अपने इर्द-गिर्द कुंडली मारे आत्मसन्तुष्टि के उन मानदण्डों को कभी तोड़ नहीं पाया। मैं चुप रहा यह जताने के लिए कि मैं बहुत व्यस्त और तल्लीन हूँ। अब वह शिकायत नहीं करतीं। शायद, वो मेरी स्थिति समझती हैं।

आमतौर पर मेरे बड़े भाई मुझे पत्र नहीं लिखते। उन्हें मुझसे कुछ नहीं चाहिए। एक बड़े भाई के रूप में मेरी इतनी चिन्ता करने के एवज में उन्होंने कभी मुझसे किसी भी चीज की अपेक्षा नहीं की। उन दिनों जब मैं छात्र था यदि किसी चीज के बारे में वह पूछते थे तो सिर्फ मेरे हाल-चाल के बारे में। अब छुट्टियों में मैं घर पर होता था तो वह मेरे लिए मछलियाँ पकड़ा करते थे घर के पीछे वाले तालाब से और अपनी पत्नी से कहते कि बहुत अच्छे से बनाए क्योंकि मुझे मछली पसन्द है। जब थोड़ी ही मछलियाँ होती थीं तो फिर सिर्फ मेरे लिए पकाई जाती थीं। वे अपनी पत्नी से कहा करते। “तुम बाबुली के लिए पिसी सरसों के साथ मछली बनाओ जितना स्वादिष्ट तुम बना सकती हो उतना।” वे आज भी वैसे ही हैं वही प्यार, करुणा व संवेदना युक्त व्यक्ति। कुछ भी नहीं बदला-उनके सात बच्चे, पिताजी, माताजी, मवेशी, खेत, घर की जिम्मेदारियाँ वे आज भी वही हैं- मेरे बड़े भाई।

I handled the letter carefully. He had asked me to come home. Some feud had cropped up. The two sisters-in-law had quarelled. Our paddy fields, the cottage and all the movables and im-movables were to be divided into three parts amongst us. My presence was indispensable.

It was my second brother who was so particular and adamant about the division. He wanted it at any cost.

I finished reading the letter. A cold sweat drenched me. I felt helpless, orphaned. A sort of despair haunted me for a long time. Quite relentlessly, I tried to drive them away yawning helplessly in a chair.

In the evening when I told my wife about the partition that was to take place, I found totally unperturbed. She just asked me: “When?” as if she was all prepared and waiting for this event to take place! “In a week’s time,” I said.”

(आई हैण्डल्ड द लैटर केयरफुली ही हैड आस्क्ड मी टू कम होम. सम फ्यूड हैड क्रॉप्ड अप द टू सिस्टर्स-इन-लॉ हैड क्वारेल्ड. आवर पैडी फील्ड्स, द कॉटेज ऐण्ड ऑल द मूवेबल्स ऐण्ड इम्मूवेबल्स वर टू बी डिवाईडिड इण्टू थ्री पार्ट्स अमंगस्ट अस माई प्रजेन्स वॉज इन्डिस्पेन्सिबल इट वॉज माई सेकण्ड ब्रदर हू वॉज सो पर्टिकुलर ऐण्ड ऐडमेण्ट अबाऊट द डिविजन ही वॉण्टिड इट ऐट एनी कॉस्ट.

आई फिनिश्ड रीडिंग द लैटर अ कोल्ड स्वेट ड्रेन्ड मी. आइ फेल्ट हेल्पलेस, ऑफन्ड. अ सॉर्ट ऑफ डेस्पेअर हॉण्टिड मी फॉर लॉन्ग टाईम. क्वाईट रिलेण्टलेस्ली, आई ट्राईड टू ड्राईव दैम अवे यॉनिग हैल्पलेस्ली इन अ चेयर.

इन द ईवनिंग व्हेन आई टोल्ड माई वाइफ अबाऊट द पार्टिशन दैट वॉज़ टू टेक.प्लेस, आई फाउण्ड हर टोटली अनपर्टर्ड शी जस्ट आस्क्ड मी: “व्हेन?” ऐज इफ शी वॉज आल प्रिपेअरड ऐण्ड वेटिंग फॉर दिस ईवेण्ट टू टेक प्लेस! “इन अ वीक्स टाइम” आई सेड.)

अनुवाद :
मैंने बहुत सावधानी के साथ पत्र को खोला। उन्होंने (बड़े भाई) ने मुझे घर आने के लिए लिखा था, कुछ झगड़ा उठ खड़ा हुआ था। मेरे दोनों भाइयों की पत्नियाँ (देवरानी-जेठानी) आपस में लड़ ली थीं। हमारे चावल के खेत, हमारा मकान और अन्य सभी प्रकार की चल-अचल सम्पत्तियों का बँटवारा हम तीनों के बीच होना था। मेरी मौजूदगी अपरिहार्य थी।

मेरा दूसरा भाई बँटवारे की ज़िद पर अड़ा हुआ था। उसे किसी भी कीमत पर बँटवारा चाहिए था। मैंने पत्र पढ़ लिया। ठण्डे पसीने से मैं भीग गया। मैं अपने आप को असहाय और अनाथ महसूस कर रहा था। बहुत देर तक एक प्रकार की निराशा मुझे घेरे रही। कुर्सी पर असहाय बैठा हुआ मैं लगातार ऐसे विचारों को दूर भगाता रहा।

शाम को जब मैंने अपनी पत्नी को बताया कि बँटवारा होने वाला है तो मैंने उसे बिल्कुल अविचलित पाया। उसने केवल मुझसे पूछा “कब”? जैसे कि वो इसके लिए तैयार हो और इन्तजार कर रही हो होने का। “एक सप्ताह में,” मैंने कहा।

In bed that night my wife asked me all sorts of questions. What would be our share and how much would fetch us on selling it? I said nothing for a while but in order to satisfy her, at last guessed that it should be around twenty thousand rupees. She came closer to me and said, “We don’t need any land in the village. What shall we do with it? Let’s sell it and take the money. Remember, when you, sell it, hand over to me the entire twenty thousand. I will make proper use of it. We need a fridge, you know. Summer is approaching. You need not go to the office riding a bicycle. You must have a scooter. And the rest we will put in a bank. There is no use keeping land in the village. We can’t look after it, and why should others draw benefits out of our land?”

(इन बेड दैट नाईट माई वाईफ आस्क्ड मी ऑल सॉर्ट्स ऑफ क्वेश्चन्स व्हॉट वुड बी आवर शेयर ऐण्ड हाऊ मच वुड फेच अस आन सेलिंग इट? आई सेड नथिंग फॉर अ व्हाईल बट इन ऑर्डर टू सैटिस्फाई हर, ऐट लास्ट गैस्ड दैट इट शुड बी अराउण्ड ट्वेन्टी थाऊसेण्ड रूपीज़ शी केम क्लोजर टू मी ऐण्ड सेड, “वी डोण्ट (डू नॉट) नीड एनी लैण्ड इन द विलेज़ व्हॉट शैल वी डू विद इट? लैट अस सैल इट ऐण्ड टेक द मनी रिमेम्बर, व्हेन यू सैल इट, हैण्ड ओवर टु मी द एन्टायर ट्वेन्टी थाऊसेण्ड आई विल मेक प्रॉपर यूज़ ऑफ इट. वी नीड अ फ्रिज, यू नो. समर इज अप्रोचिंग यू नीड नॉट गो टू द ऑफिस राईडिंग अ बाईसिकल. यू मस्ट हैव अ स्कूटर. ऐण्ड द रेस्ट वी विल पुट इन अ बैंक देयर इज़ नो यूज कीपिंग लैण्ड इन द विलेज़ वी काण्ट (कैन नॉट) लुक आफ्टर इट, ऐण्ड व्हाय शुड अदर्स ड्रॉ बेनिफिट्स आऊट ऑफ आवर लेण्ड?’)

अनुवाद :
उस रात बिस्तर पर मेरी पत्नी ने मुझसे तरह-तरह के प्रश्न पूछे। हमारा हिस्सा कितना होगा और उसे बेचने पर हमें क्या (कितना) मिलेगा? मैं थोड़ी देर तक तो कुछ नहीं बोला पर फिर उसकी संतुष्टि हेतु आखिरकार अन्दाजा लगाया कि लगभग बीस हजार रुपये होंगे। वह मेरे और पास आ गई और बोली “हमें गाँव में किसी जमीन की कोई जरूरत नहीं है। हम क्या करेंगे उसका? उसे बेचकर पैसे ले लेते हैं। याद रखना जब उसे बेच दो तो पूरे बीस हजार रुपये लाकर मुझे देना। मैं उसका सही इस्तेमाल करूँगी। हमें एक फ्रिज की जरूरत है तुम्हें पता है। गर्मियों आ रही हैं। तुम्हें साइकिल चलाकर ऑफिस जाने की जरूरत नहीं है। तुम्हारे पास एक स्कूटर होना चाहिए और बाकी की रकम हम बैंक में डाल देंगे। गाँव में ज़मीन रखना व्यर्थ है। हम उसकी देखभाल कर नहीं सकते और दूसरे क्यों हमारी जमीन का लाभ लें।”

I listened to all this like an innocent lamb looking into the darkness. I felt as if the butcher was sharpening his knife, huming a tune and waiting to tear me into large chunks of meat, and consoling me saying that there is a better life after death.

Gone are those days; gone are those feelings, when the word ‘Home’ filled my heart with emotion. And that affectionate word ‘Brother’! What feeling it had ! How it used to make my heart pound with love! Recollecting all these things, I felt weak, pathetic.

Where is the heart gone? Where are those days? Where has that spontaneity of feeling gone? I just can’t understand how a stranger could all of a sudden become so intimate.

(आई लिसिन्ड टू ऑल दिस लाइक ऐन इनोसेण्ट लैम्ब लुकिंग इण्टू द डार्कनेस. आई फैल्ट ऐज इफ द बुचर वॉज शार्पनिंग हिज नाइफ, हमिंग अ ट्यून ऐण्ड वेटिंग टू टीयर मी इण्ट्र लार्ज चंक्स ऑफ मीट, ऐण्ड कन्सोलिंग मी सेईंग दैट देयर इज़ अ बैटर लाइफ आफ्टर डेथ.)

गॉन आर दोज डेज, गॉन आर दोज फीलिंग्स, व्हेन द वर्ड ‘होम’ फिल्ड माई हार्ट विद इमोशन ऐण्ड दैट अफेक्शनेट वर्ड ‘ब्रदर’। व्हॉट फीलिंग इट हैड। हाऊ इट यूज्ड टू मेक माई हार्ट पाऊण्ड विद लव! रीकलैक्टिंग ऑल दीज थिंग्स, आई फैल्ट वीक, पैथेटिक।

व्हेअर इज़ द हार्ट गॉन? व्हेअर आर दोज़ डेज़? व्हेअर हैज दैट स्पॉन्टनीअटी ऑफ फीलिंग गॉन? आई जस्ट काण्ट अन्डरस्टैण्ड हाऊ अ स्ट्रेन्जर कुड ऑल ऑफ अ सडन बिकम सो इन्टिमेट.)

अनुवाद :
मैं एक निरीह मेमने की तरह यह सब कुछ सुनता रहा अन्धेरे में देखते हुए मुझे ऐसा महसूस हुआ मानो कोई कसाई धुन गुनगुनाते हुए छुरा तेज कर रहा है और इन्तजार कर रहा है मुझे बड़े-बड़े माँस के टुकड़ों में काटने का और साथ में मुझे सान्त्वना दे रहा है यह कहते हुए कि मृत्यु के बाद बहुत बेहतर जिन्दगी है।

वो दिन, वो भावनाएँ सब कहीं खो गए हैं, जब ‘घर’ शब्द मेरे हृदय को उमंग भरी भावनाओं से भर देता था। और वह स्नेहमय शब्द ‘भाई’! कैसा सुखद अहसास था उसमें। कैसे वो मेरे हृदय को प्रेम से जोर-जोर से धड़का देता था। यह सब कुछ याद करते हुए मैं कमजोर और दयनीय महसूस कर रहा था।

कहाँ गया वो हृदय? कहाँ गए वो दिन? वो भावनाओं की स्वाभाविक सहजता कहाँ गई? मैं यह बिल्कुल नहीं समझ पा रहा कि कैसे एक अनजान व्यक्ति अचानक से इतना घनिष्ठ हो जाता है।

But I became my normal self in two days. I grew used to what had been a shock. Later on, in the market-place, keeping pace with my wife. I enquired about the prices of the different things she intended to buy. Buying a fridge was almost certain. A secondhand scooter, a stereo set and some gold ornaments. I prepared a list of the prices. She kept reminding me about her intentions, and was showing a lot of impatience.

(बट आइ बिकेम माइ नॉर्मल सेल्फ इन टू डेज़ आई ग्रयू यूज्ड टू व्हॉट हैड बीन अ शॉक लेटर ऑन, इन द मार्केट-प्लेस, कीपिंग पेस विद माई वाइफ, आई एन्क्वायर्ड अबाउट द प्राइसेस ऑफ द डिफरेन्ट थिंग्स शी इन्टेन्डिड टू बाय बायींग अ फ्रिज वॉज़ आल्मोस्ट सन. अ सैकण्ड-हैण्ड स्कूटर, अ स्टीरियो सेट एण्ड सम, गोल्ड ऑर्नामेण्ट्स। आई प्रिपेअर्ड अ लिस्ट ऑफ प्राइसेस. शी केप्ट रिमाईन्डिंग मी अबाउट हर इन्टेन्शन्स, ऐण्ड वॉज शोईंग अलॉट ऑफ इम्पेशियन्स.)

अनुवाद :
परन्तु दो दिनों में अपनी सामान्य स्थिति में आ गया। पहले-पहल जो मुझे आघात लगा था मैं उसका आदी हो गया था। बाद में बाजार में, अपनी पत्नी के साथ कदम मिलाते हुए मैंने उन चीजों की कीमत के बारे में पूछा जो वह खरीदना चाहती थी। एक फ्रिज लेना तो लगभग पक्का था। एक पुराना स्कूटर, एक स्टीरियो सेट और कुछ स्वर्ण आभूषण। मैंने सब चीजों की एक कीमत-सूची तैयार की। मेरी पत्नी मुझे याद दिलाती रही कि वह क्या चाहती है और वह काफी अधीर थी।

It was Saturday afternoon. I left for my village. The same bus was there, inspiring in me the old familiar feeling. I rushed to occupy the seat just behind the driver, my favourite seat. In my hurry, I bruised my knee against the door. It hurt me. The brief-case fell off and the little packet containing the prasad of Lord Lingraj’, meant for my dear mother, was scattered over the ground. I felt as if the entire bus was screeching aloud the question: “After how many years? You have not bothered in the least to retain that tender love you had in your heart for your home! Instead you have sold it to the butcher to help yourself become a city Baboo!! Curses be on you!”

(इट वॉज सैटर्डे आफ्टरनून आई लेफ्ट फॉर माई विलेज द सेम बस वॉज देयर, इन्स्पायरिंग इन मी द ओल्ड फैमिलीयर फीलिंग, आई रण्ड टू ऑक्यूपाई द सीट जस्ट विहाइण्ड द ड्राईवर, माई फेवरिट सीट इन माई हरी, आई ब्रूज्ड माई नी अगेस्ट द डोर इट हर्ट मी द ब्रीफकेस फेल ऑफ एण्ड द लिटल पैकेट कन्टेनिंग द प्रसाद ऑफ लॉर्ड लिंगराज’, मैण्ट फॉर माई डीयर मदर, वॉज स्कैटर्ड ओवर द ग्राउण्ड आई फेल्ट ऐज़ इफ द एन्टायर बस वॉज स्क्रीचिंग अलाउड द क्वेश्चन “आफ्टर हाउ मैनी यीअर्स? यू हैव नॉट बॉदर्ड इन द लीस्ट टू रिटेन देट टेण्डर लव यू हैड इन यॉर हार्ट फॉर यॉर होम! इन्स्टेड यू हैव सोल्ड इट टू द बुचर टू हेल्प यॉरसेल्फ बिकम अ सिटी बाबू!! कर्स बी ऑन यू!”

अनुवाद :
शनिवार को दोपहर थी। मैं अपने गाँव के लिए निकला। वही पुरानी बस थी। उसने मेरे अन्दर वही पुरानी सुपरिचित भावनाओं को जगा दिया। मैं जल्दी से ड्राईवर के ठीक पीछे वाली सीट पर बैठने के लिए बढ़ा, मेरी संबसे पसन्दीदा सीट। जल्दबाजी में मेरा घुटना दरवाजे से टकराकर छिल गया। उसमें दर्द हो रहा था। मेरी अटैची गिर पड़ी और छोटी सी थैली में रखा भगवान लिंगराज का प्रसाद जो मेरी प्यारी माँ के लिए था सब तरफ फैल गया। मुझे ऐसा महसूस हुआ मानो पूरी बस जोर-जोर से चीखकर पूछ रही हो। “कितने वर्ष बाद? तुमने अपने घर के लिए जो तुम्हारे हृदय में कोमल प्रेम था उसे कायम रखने की बिल्कुल भी कोशिश नहीं की। उसके बजाए तुमने उस प्रेम को कसाई को बेच दिया। स्वयं को शहरी बाबू बनाने की खातिर!! धिक्कार है तुम पर!”

I boarded the bus, collecting the brief case and the content of the soiled packet, wearing a shameless smile for the cleaner and the conductor of the bus.

It was five in the evening when I got down; I had written beforehand. My elder brother was there to meet me at the bus stop. He appeared a little tired and worn out. “Give that brief case to me. That must be heavy.” He almost snatched it away from me. I forgot even to touch his feet. This had never happened earlier. He was walking in front of me.

We were walking on the village road, dusty and ever the same. I remembered my childhood days.

(आई बोर्डिड द बस, कलैक्टिंग द ब्रीफकेस ऐण्ड द कन्टेन्ट ऑफ द सॉइल्ड पैक्ट, वीयरिंग अ शेमलैस स्माइल फॉर द क्लीनर ऐण्ड द कण्डक्टर ऑफ द बस – इट वॉज़ फाइव इन द ईवनिंग व्हेन आई गॉट डाउन; आई हैड रिटन बिफोरहैण्ड माई एल्डर ब्रदर वॉज़ देयर टू मीट.मी ऐट द बस स्टॉप ही अपीअर्ड अ लिटल टायर्ड ऐण्ड वर्न आउट। “गिव दैट ब्रीफकेस टू मी दैट मस्ट बी हैवी.” ही ऑल्मोस्ट स्नैच्ड इट अवे फ्रॉम मी आई फॉरगॉट ईवन टू टच हिज फीट दिस हैड नेवर हैपन्ड अर्लियर ही वॉज़ वॉकिंग इन फ्रण्ट ऑफ मी

वी वर वॉकिंग ऑन द विलेज रोड, डस्टी ऐण्ड एवर द सेम आई रिमेम्बर्ड माई चाइल्डहुड डेज़.)

अनुवाद :
मैं बस से उतर गया, अपनी अटैची और थैली के बचे-खुचे प्रसाद को लेकर चालक और परिचालक की तरफ बेशर्मी से मुस्कराकर देखता हुआ।

शाम के पाँच बज रहे थे कि जब मैं उतरा। मैंने अपने आने की सूचना पत्र द्वारा दे दी थी। मेरे बड़े भाई मुझे बस अड्डे पर लेने आए थे। वह थोड़े थके हुए और क्लान्त दिख रहे थे। “यह अटैची मुझे दे दो। यह भारी होगी।” उन्होंने मुझसे अटैची लगभग छीन ली। मैं उनके पैर तक छूना भूल गया। ऐसा इससे = पहले कभी नहीं हुआ था। वह मेरे आगे चल रहे थे। हम लोग गाँव की सड़क पर चल रहे थे, धूल भरी हमेशा एक जैसी। मुझे अपने बचपन के दिन याद आ गए।

I was usually crossing the street alone to go to a teacher in the evening for tuition. It was generally late and dark when I returned from my studies. Unfailingly my elder brother would be there to escort me back home lest I should be frightened. He would carry the lantern, my bag of books and notes. I had to follow him to do so. If I lagged behind, he would ask, “Why! you are perhaps tired. Come, hold my hand and walk with me.” He sometimes used to carry me – on his shoulders while going to the fields for a stroll.

(आई वॉज़ यूज़्यूअली क्रॉसिंग द स्ट्रीट अलोन टू गो टू अ टीचर इन द ईवनिंग फॉर ट्यूशन इट वॉज जनरली लेट ऐण्ड डार्क व्हेन आई रिटर्ड फ्रॉम माई स्टडीज़ अनफेलिंली माई एल्डर ब्रदर वुड बी देयर टू एस्कॉर्ट मी बैक होम लेस्ट आई शुड बी फ्राईटेन्ड. ही वुड कैरी द लैण्टर्न, माई बैग ऑफ बुक्स ऐण्ड नोट्स आई हैड टू फॉलो हिम टू डू सो इफ आई लैग्ड विहाईन्ड, ही वुड आस्क, “व्हाई! यू आर परहैप्स टायर्ड कम, होल्ड माई हैण्ड ऐण्ड वॉक विद मी।” ही समटाईम्स यूज्ड टू कैरी मी ऑन हिज़ शोल्डर्स व्हाईल गोईंग टू द फील्ड्स फॉर अ स्ट्रॉल.)

अनुवाद-मैं आम तौर पर शाम को अकेले ही सड़क पार करता था अध्यापक महोदय के यहाँ पढ़ने जाने के लिए। प्रायः लौटते समय अन्धेरा हो जाता था। बिना किसी नागा के मेरे बड़े भाई मुझे लेने के लिए आते थे कि कहीं मुझे डर न लगे। वे मेरी पुस्तकें और लालटेन लेकर चलते थे। मुझे उनके पीछे चलना पड़ता था। यदि मैं ज्यादा पीछे रह जाता था तो वे पूछते, “क्यों क्या हुआ। शायद तुम थके हुए हो। आओ, मेरा हाथ पकड़ो और मेरे साथ चलो।” वह कभी-कभी मुझको अपने कंधे पर बिठाकर खेतों में घूमने जाया करते थे।

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