MP Board Class 10th General English The Spring Blossom Solutions Chapter 6 The New Player in the Team

For those looking for help on Class 10th English can use the MP Board Solutions for Class 10th English The Spring Blossom Solutions Chapter 6 The New Player in the Team Questions and Answers prevailing for free of cost. Download the MP Board Class 10th English Solutions Chapter Wise PDF through the direct links available and take your preparation to the next level. The MP Board Solutions for Class 10th English Chapter 6 The New Player in the Team covers all the topics and subtopics within it. Practice using these MP Board Class 10th English Solutions PDF and test your preparation level and bridge the knowledge gap accordingly.

MP Board Class 10th General English The Spring Blossom Solutions Chapter 6 The New Player in the Team

If you have any queries take the help of the MP Board Solutions for Class 10th English Chapter 6 The New Player in the Team and learn all the topics in it effectively. Make use of the MP Board Solutions for Class 10th English be it Passages, Meanings, Comprehensions, Sentence Correction, or any other random topic of your choice. We have everything covered and you can Practice them often to score better grades in your exam. By going through the MP Board Solutions for Class 10th English Chapter 6 The New Player in the Team Questions and Answers you can attempt the actual exam with utmost confidence.

The New Player in the Team Textual Exercises

Word Power

A. Match the following words with their meanings.
(सुमेलित कीजिए)

The New Player In The Team MP Board Class 10th
Answer:
1. → (e)
2. → (c)
3. → (d)
4. → (b)
5. → (a)

B. Use the following words in sentences of your own.
(निम्न शब्दों के वाक्य बनाइए)
Answer:
1. coach
A coach trains his team to play well.

2. court
Rohan filed a case in the court against Ajay for stealing his gold.

3. yearn
I yearn to lead a life of solitude in the country away from stress.

4. prejudge
It is not fair to prejudge the capability of a player.

C. Fill in the blanks spaces by using the word coming in the text.
(रिक्त स्थान भरो)

  1. It was just a matter of ………… practice. (vigorous/rigorous)
  2. This gave a massive ………… to her confidence. (boost/boast)
  3. I will never again ………… people; I hope you can forgive me. (prejudge/prelude)
  4. Even the ………… remarks from the teammates only made her more resolute. (severe/snide)

Answer:

  1. rigorous
  2. boost
  3. prejudge
  4. snide.

How Much Have I Understood?

A. Answer these questions. (One or two sentences)
(निम्न प्रश्नों के उत्तर एक या दो वाक्यों में दीजिए।)

The New Player In The Team MP Board Class 10th Question 1.
Why was Mamta’s selection in the school team a surprise to everyone?
(व्हाय वॉज़ ममताज़ सलेक्शन इन द स्कूल टीम अ सरप्राइज़ availah?)
ममता का स्कूल की टीम में चुनाव सबके लिए आश्चर्यजनक क्यों था?
Answer:
Mamta’s selection in the school team was a surprise to everyone because she had joined the school only a month before and had never played basketball before.
(ममताज़ सलेक्शन इन द स्कूल टीम वॉज़ अ सरप्राइज़ टू ‘एव्रीवन बिकॉज शी हैड जॉइन्ड द स्कूल ओनलि अ मन्थ बिफोर एण्ड हैड नेवर प्लेड बास्केटबॉल बिफोर।)
ममता का स्कूल की टीम में चुनाव सबके लिए आश्चर्यजनक था क्योंकि वह विद्यालय में एक माह पूर्व ही आई थी व उसने बास्केटबॉल पहले कभी नहीं खेली थी।

Class 10 English Chapter 6 The New Player In The Team MP Board Question 2.
What qualities did the coach notice in Mamta?
(व्हॉट क्वालिटीज़ डिड द कोच नोटिस इन ममता?)
कोच ने ममता में कौन-से गुण देखे?
Answer:
The coach noticed that Mamta’s passes were good and she was also physically fitter than anyone else.
(द कोच नोटिस्ड् दैट ममताज़ पासेस वर गुड एण्ड शी वॉज़ ऑल्सो फिज़िकली फिटर दैन एनीवन एल्स।)
कोच ने देखा कि ममता गेंद को बहुत अच्छी तरह दूसरे खिलाड़ी की तरफ बढ़ाती थी तथा वह शारीरिक रूप से दूसरी खिलाड़ियों से स्वस्थ थी।

The New Player In The Team Question Answer MP Board Class 10th Question 3.
How did her classmates behave with her?
(हाउ डिड हर क्लासमेट्स बिहेव विद हर?)
उसके सहपाठियों का उसके साथ कैसा व्यवहार था?
Answer:
Mamta’s classmates treated her as an unwelcome guest who was too low in status by their standards.
(ममताज़ क्लासमेट्स ट्रीटेड हर एज़ एन अनवेलकम गैस्ट हू वॉज़ टू लो इन स्टेटस बाइ देयर स्टैण्डर्ड्स।)
ममता की सहपाठी उससे एक अनचाहे मेहमान की तरह व्यवहार करती थीं जो उनके दर्जे से बहुत नीची थी।

The New Player In The Team Class 10 MP Board Question 4.
Why did the girls refuse to make Mamta their friend?
(व्हाय डिड द गर्ल्स रिफ्यूज़ टू मेक ममता देयर फ्रेन्ड्?)
लड़कियों ने ममता से दोस्ती करने से इंकार क्यों कर दिया?
Answer:
The girls refused to make Mamta their friend because she came from a small town and was not rich.
(द गर्ल्स रिफ्यूज्ड टू मेक ममता देयर फ्रेन्ड् बिकॉज़ शी कम फ्रॉम अ स्मॉल टाउन एण्ड वॉज़ नॉट रिच।)
लड़कियों ने ममता से दोस्ती करने से इंकार कर दिया क्योंकि वह एक छोटे कस्बे से आई थी व अमीर नहीं थी।

Mp Board Class 10 English Chapter 6 Question 5.
What was the challenge before Mamta?
(व्हॉट वॉज़ द चैलेन्ज बिफोर ममता?)
ममता के समक्ष क्या चुनौती थी?
Answer:
The challenge before Mamta was to win the trophy in the inter-school basketball championship that year.
(द चैलेन्ज बिफोर ममता वॉज़ टू विन द ट्रॉफी इन द इन्टर-स्कूल बास्केटबॉल चैम्पियनशिप दैट ईयर।)
ममता के समक्ष उस वर्ष की अन्तर-विद्यालय बास्केटबॉल प्रतियोगिता जीतने की चुनौती थी।

Class 10 English Chapter 6 Mp Board Question 6.
Which remark of the coach touched Mamta?
(व्हिच रिमार्क ऑफ द कोच टच्ड् ममता?)
कोच की कौन-सी टिप्पणी ममता के दिल को छू गई?
Answer:
The coach made the remark to Reema that they have not been able to win the trophy since she started playing but may be that year they would win because of Mamta. This touched Mamta.
(द कोच मेड द रिमार्क टू रीमा दैट दे हैव नॉट बीन एबल टू विन द ट्रॉफी सिन्स शी स्टार्टेड प्लेईंग बट मे बी दैट ईयर दे वुड विन बिकॉज़ ऑफ ममता। दिस टच्ड् ममता।)
कोच ने रीमा से कहा कि वे तब से ट्रॉफी नहीं जीत पाये जब से उसने खेलना शुरू किया है पर हो सकता है कि उस वर्ष वे ममता के कारण ट्रॉफी जीतें। यह बात ममता को छू गई।

Chapter 6 English Class 10 Mp Board Question 7.
How did the fighter in Mamta come out?
(हाउ डिड द फाईटर इन ममता कम आऊट?)
ममता के अन्दर लड़ने की इच्छा कैसे उत्पन्न हुई?
Answer:
The snide remarks made by her teammates brought out the fighter in Mamta.
(द स्नाइड रिमार्क्स मेड बाइ हर टीममेट्स ब्रॉट आऊट द फाईटर इन ममता।)
ममता की साथी खिलाड़ियों द्वारा कहे गये कटु शब्दों ने ममता के अन्दर लड़ने की इच्छा जाग्रत की।

Mp Board Class 10th English Chapter 6 Question 8.
What made Mamta win the race?
(व्हॉट मेड ममता विन द रेस?)
ममता ने रेस किस वजह से जीती?
Answer:
Mamta’s concentration and rigorous practice made her win the race.
(ममताज़ कन्सन्ट्रेशन एण्ड रिगोरस प्रेक्टिस मेड हर विन द रेस।)
ममता की एकाग्रता व लगातार अभ्यास ने उसे दौड़ जिताई।

Chapter 6 Class 10 English Mp Board Question 9.
How was Mamta able to change her image in school?
(हाउ वॉज़ ममता एबल टू चेन्ज हर इमेज इन स्कूल?)
ममता ने स्कूल में अपनी छवि कैसे बदली?
Answer:
Mamta was able to change her image in school by winning the race.
(ममता वॉज़ एबल टू चेन्ज हर इमेज इन स्कूल बाइ विनिंग द रेस।)
ममता ने दौड़ में जीतकर विद्यालय में अपनी छवि बदली।

Question 10.
Why did the girls not hope to win the competition?
(व्हाय डिड द गर्ल्स नॉट होप ट्र विन द कॉम्पटिशन?)
लड़कियों को प्रतियोगिता में जीत की उम्मीद क्यों नहीं थी?
Answer:
The girls did not hope to win the competition because Mamta was made the captain of the team and she had never played basketball before.
(द गर्ल्स डिड नॉट होप टू विन द कॉम्पटिशन: बिकॉज़ ममता वॉज़ मेड द कैप्टेन ऑफ द टीम एण्ड शी हैड नेवर प्लेड बास्केटबॉल बिफोर।)
लड़कियों को प्रतियोगिता में जीतने की उम्मीद नहीं थी क्योंकि ममता को टीम का कप्तान बना दिया गया था व उसने पहले कभी बास्केटबॉल नहीं खेली थी।

B. Answer these questions. (Three or four sentences)
(निम्न प्रश्नों के उत्तर तीन या चार वाक्यों में दीजिए।)

Question 1.
Why was Mamta ill-treated by her classmates?
(व्हाय वॉज़ ममता इल-ट्रीटेड बाइ हर क्लासमेट्स्?)
ममता की सहपाठी उसके साथ दुर्व्यवहार क्यों करती थीं?
Answer:
Mamta came from a small town and school. She was also not from a rich family like other girls so her classmates ill-treated her. They thought she was too low in status by their standards.
(ममता केम फ्रॉम अं स्मॉल टाउन एण्ड स्कूल। शी वॉज़ ऑल्सो नॉट फ्रॉम अ रिच फैमिली लाइक अदर गर्ल्स सो हर क्लासमेट्स् इल-ट्रीटेड हर। दे थॉट शी वॉज़ टू लो इन स्टेटस बाइ देयर स्टैण्डर्ड्स।)
ममता एक छोटे कस्बे व छोटे स्कूल से आई थी। वह दूसरी लड़कियों की तरह समृद्ध परिवार से भी नहीं थी इसीलिए उसकी सहपाठियाँ उससे दुव्यवहार करती थीं। वे सोचती थीं कि वह उनके दर्जे से बहुत नीची थी।

Question 2.
How did the coach support Mamta?
(हाउ डिड द कोच सपोर्ट ममता?)
कोच ने ममता की किस प्रकार सहायता की?
Answer:
The coach supported Mamta by showing his confidence in her. He said that she had good passes and was physically fitter than anyone else in the team. He also remarked that may be that year they may win the trophy. because of her.
(द कोंच सपोर्टेड ममता बाइ शोइंग हिज़ कॉन्फिडेन्स इन हर। ही सेड दैट शी हैड गुड पासेस एण्ड वॉज़ फिजिकली फिटर दैन एनीवन एल्स इन द टीम। ही ऑल्सो रिमार्ड दैट मे बी दैट ईयर दे मे विन द ट्रॉफी बिकॉज़ ऑफ हर।)
कोच ने ममता में अपना विश्वास दिखाकर उसका समर्थन किया। उन्होंने कहा कि उसकी गेंद फेंकने की क्षमता अच्छी थी और वह बाकी सभी खिलाड़ियों से शारीरिक रूप से ज्यादा सक्षम थी। उन्होंने यह भी कहा कि हो सकता है कि वे उस वर्ष उसी की वजह से ट्रॉफी जीतें।

Question 3.
How did Mamta’s team make history?
(हाउ डिड ममताज़ टीम मेक हिस्ट्री?)
ममता की टीम ने इतिहास कैसे रचा?
Answer:
Mamta’s team made history by reaching the finals in the competition for the first time and winning it too.
(ममताज़ टीम मेड हिस्ट्री बाइ रीचिंग द फाइनल्स इन द कॉम्पटिशन फॉर द फर्स्ट टाइम एण्ड विनिंग इट टू।)
ममता की टीम ने प्रतियोगिता के अन्तिम चरण में पहली बार पहुँचकर व उसे जीतकर इतिहास रचा।

Question 4.
What made Mamta a good basketball player?
(व्हॉट मेड ममता अ गुड बास्केटबॉल प्लेयर?)
ममता एक अच्छी बास्केटबॉल की खिलाड़ी कैसे बनी?
Answer:
Mamta’s daily practice and firm determination made her a good basketball player. She was good in passes and could easily grab the ball because of her height. She was also good at offence and defence.
(ममताज़ डेली प्रेक्टिस एण्ड फर्म डिटर्मिनेशन मेड हर अ गुड बास्केटबॉल प्लेयर। शी वॉज़.गुड इन पासेज़ एण्ड कुड ईज़िली ग्रैब द बॉल बिकॉज़ ऑफ हर हाईट। शी वॉज़ ऑल्सो गुड एट ऑफेन्स एण्ड डिफेन्स।)
ममता के रोज के अभ्यास व दृढ़ निश्चय ने उसे एक अच्छा बास्केटबॉल खिलाड़ी बना दिया। वह अपनी ऊँचाई के कारण गेंद फेंकने व लपकने में माहिर थी। वह बचाव व आक्रमण में भी अच्छी थी।

Question 5.
If you had been a coach, how would you have treated Mamta?
(इफ यू हैड बीन अ कोच, हाउ वुड यू हैव ट्रीटेड ममता?)
अगर तुम कोच होते तो तुम ममता के साथ किस प्रकार का व्यवहार करते?
Answer:
If I had been a coach, I would have behaved the same way as Mamta’s coach. A coach should show confidence in the player and be encouraging and supporting like her coach was.
(इफ आइ हैड बीन अ कोच, आइ वुड हैव बिहेव्ड द सेम वे एज़ ममताज़ कोच। अ कोच शुड शो कॉन्फिडेन्स इन द प्लेयर एण्ड बी एंकरेजिंग एण्ड सपोर्टिग लाइक हर कोच वॉज़।)
अगर मैं कोच होता तो मैंने ममता के कोच की तरह ही व्यवहार किया होता। एक कोच को खिलाड़ी में विश्वास होना चाहिए व उसे प्रोत्साहन व समर्थन देना चाहिए।

Question 6.
What were the qualities that helped Mamta become indispensible for the team?
(व्हॉट वर् द क्वॉलिटीज़ दैड. हैल्प्ड् ममता बिकम इन्डिस्पेंसेब्ल फॉर द टीम?)
ममता के कौन-से गुणों ने उसे टीम का जरूरी हिस्सा बना दिया?
Answer:
Mamta’s determination and hard work made her indispensable for the team. She put all her attention and concentration on her practice and goal to succeed.
(ममताज़ डिटर्मिनेशन एण्ड हार्ड वर्क मेड हर इन्डिस्पेन्सेबल फॉर द टीम। शी पुट ऑल हर अटेन्शन एण्ड कन्सन्ट्रेशन ऑन हर प्रैक्टिस एण्ड गोल टू सक्सीड।)
ममता के दृढ़ निश्चय व कड़ी मेहनत ने उसे टीम का अभिन्न अंग बना दिया। उसने अपना सारा ध्यान व एकाग्रता अपने अभ्यास व लक्ष्य पर लगा दिया।

Language Practice

A. Make meaningful sentences from the given table and write them in your note book.
(दी गई तालिका से वाक्य बनाओ।)
Answer:

  1. We couldn’t hear clearly what you said.
  2. Neelam could play piano, when she was four.
  3. The child couldn’t lift the box as it was. heavy.
  4. I can speak Sanskrit very well.
  5. You can’t understand anything what happened.

B. Fill in the blanks with may/might/can/could/ must.
(रिक्त स्थान भरो)

  1. My brother is very strong. He ………… lift 80 kg of weight.
  2. The student said, “Sir, ……….. I drink some water, please?”
  3. When I was ten, I ………… not ride a bicycle.
  4. It’s the Independence Day. tomorrow. Every one of you ……….. be here at 7 a.m. sharp.
  5. Don’t touch the box. It ………… have a bomb inside.

Answer:

  1. can
  2. May
  3. could
  4. must
  5. might.

C. Change the sentences given below using ‘may’.
(दिए गये वाक्यों में ‘may’ का उपयोग करो)

1. Perhaps the manager is busy.
Answer:
The manager may be busy.

2. Perhaps he does not want to see me.
Answer:
He may not want to see me.

3. Perhaps Golu is not working today.
Answer:
Golu may not be working today.

4. Perhaps Anuj is walking on the road.
Answer:
Anuj may be walking on the road.

Listening Time

A. The teacher will read out the words and the students will repeat them.
(निम्न शब्दों को दोहराओ।)
Answer:
Class 10 English Chapter 6 The New Player In The Team MP Board

B. Your teacher will read out the information given in the book to you. Listen to it carefully and complete the grid. (Prepare the grid in your copy. Then do the exercise.)
(दी गई सूचना द्वारा निम्न तालिका को पूरा करिए।)
Answer:
The New Player In The Team Question Answer MP Board Class 10th

Speaking Time

Imagine that you are going to spend two weeks at Pachmarhi for a state level sports meet. What will you need for the trip? Here is the list. Choose your items and tell them to the whole class.
(पचमढ़ी जाने के लिए तुम क्या-क्या ले जाना चाहोगे?)
Answer:
Students can do themselves.
(छात्र स्वयं करें।)

Writing Time

You are Jyotsna of class X of School of Excellence, Narshinghpur. You are the perfect of your school. Draft a notice in not more than 50 words informing the students about the career counselling programme and request the interested students to get themselves registered with you.
(विद्याथियों के लिए सूचना लिखो)
Answer:
Notice
20 Dec., 20….
Career Counselling Programme :
School is going to organize a career counselling programme on 25 Dec., 20….. Those who want to attend the programme should get their names registered by 15 Dec., 20… with me.

Jyotsna
Class X
School of Excellence

Things to do

Make a list of the players of Indian women’s hockey team and men’s cricket team. Do they include any players from M.P.? If yes, give their names and other information.
(भारतीय महिला हॉकी टीम व पुरुष क्रिकेट टीम के खिलाड़ियों के नाम लिखिए व अगर उनमें से कोई मध्य प्रदेश का है तो उसके विषय में सूचना दीजिए)
Answer:
Students can do themselves.
(छात्र स्वयं करें।)

The New Player in the Team Difficult Word Meanings 

The New Player In The Team Class 10 MP Board

The New Player in the Team Summary, Pronunciation & Translation

“Mamta, I want you to start practising your game seriously from today. I am taking you in the basketball team.”

These words of the basketball coach surprised everyone. Selections had been going on for the school’s basketball team, and the coach had chosen Mamta, who had joined the school only a month before.

Mamta could not believe her ears. She wanted to play basketball since she joined the school, but none of the girls in her class was ready to teach her. In fact, some of the girls in the team even laughed at her when they heard that the previous school in which she had studied did not even have a basketball court.

(“ममता, आई वॉण्ट यू टू स्टार्ट प्रैक्टिसिंग यॉर गेम सीरियसली’फ्रॉम टुडे आई ऐम टैकिंग यू इन द बास्केटबॉल टीम.”

दीज वर्ड्स ऑफ द बास्केटबॉल कोच सरप्राईज्ड एवरीवन सिलेक्शन्स हैड बीन गोइंग ऑन फॉर द स्कूल्स बास्केटबॉल टीम, ऐण्ड द कोच हैड चोज़न ममता, हू हैड जॉइन्ड द स्कूल ओनली अ मन्थ बिफोर.

ममता कुड नॉट बिलीव हर ईअर्स. शी वॉण्टिड टू प्ले बास्केटबॉल सिन्स शी जॉइन्ड द स्कूल, बट नन ऑफ द गर्ल्स इन हर क्लास वॉज़ रेडी टू टीच हर. इन फैक्ट, सम ऑफ द गर्ल्स इन द टीम ईवन लाफ्ड ऐट हर व्हेन दे हर्ड दैट द प्रीवियस स्कूल इन व्हिच शी हैड स्टडीड डिड नॉट ईवन हैव अ बास्केटबॉल कोर्ट.)

अनुवाद :
“ममता मैं चाहता हूँ कि तुम आज से अपने खेल का गम्भीरता से अभ्यास करना आरम्भ करो। मैं तुम्हें बास्केटबॉल की टीम में ले रहा हूँ।”

बॉस्केटबॉल प्रशिक्षक के इन शब्दों ने सभी को आश्चर्य में डाल दिया। विद्यालय की बास्केटबॉल टीम का चयन चल रहा था और प्रशिक्षक ने ममता को चुना था जिसे अभी केवल एक महीना ही हुआ था विद्यालय में प्रवेश लिए।

ममता को अपने कानों पर यकीन नहीं हुआ। जब से उसने विद्यालय में प्रवेश लिया था वह तब से ही बॉस्केटबॉल खेलना चाहती थी परन्तु उसकी कक्षा की कोई भी लड़की उसको सिखाने को तैयार नहीं थी। सच तो यह है कि बॉस्केटबॉल टीम की कुछ लड़कियों ने उसकी हँसी उड़ाई थी जब उन्होंने यह सुना था कि ममता पर्व में जिस विद्यालय में पढ़ती थी वहाँ बॉस्केटबॉल कोर्ट (बॉस्केटबॉल खेलने का मैदान) तक नहीं था।

Mamta had been studying in a small school in the nearby town till then, as her parents could not afford to send her to any of the public schools in the city. It was only because of the scholarship she had won from a trust that it had been possible for her to join this reputed convent school. Being away from home, in a hostel, she yearned for some friends, but till now most of the girls had refused to accept a small-town girl as their friend. Most of the girls in the school came from rich families. They treated her as an unwelcome guest who was too low in status by their standards.

“Sir, she has never played basketball before. How can you take her in the team ?” their captain, Saba complained.

“Don’t be mean, Saba. There is always a first time for every one. Can’t you see how good her passes are? And physically she is fitter than any of you,” the physical education teachers admonished Saba.

(ममता हैड बीन स्टडीईंग’इन अ स्मॉल स्कूल इन द नीयरबाई टाऊन टिल दैन, ऐज़ हर पेरेण्ट्स कुड नॉट अफोर्ड टू सेण्ड हर टू एनी ऑफ द पब्लिक स्कूल्स इन द सिटी इट वॉज़ ओनली बिकॉज़ ऑफ द स्कॉलरशिप शी हैड वन फ्रॉम अ ट्रस्ट दैट इट हैड बीन पॉसिबल फॉर हर टू जॉइन दिस रिप्यूटेड कॉन्वेण्ट स्कूल. बीइंग अवे फ्रॉम होम, इन अ हॉस्टल, शी यर्नड फॉर सम फ्रेण्ड्स, बट टिल नाऊ मोस्ट ऑफ द गर्ल्स हैड रिफ्यूज्ड टू एक्सेप्ट अ स्मॉल-टाऊन गर्ल ऐज़ देयर फ्रेण्ड. मोस्ट ऑफ द गर्ल्स इन द स्कूल केम फ्रॉम रिच फैमिलीज़. दे ट्रीटिड हर ऐज़ ऐन अनवेल्कम गेस्ट हू वॉज़ टू लो इन स्टेटस बाई देयर स्टैण्डर्ड्स

“सर, शी हैज़ नैवर प्लेड बास्केटबॉल बिफोर. हाऊ कैन यू टेक हर इन द टीम?” देयर कैप्टेन, सबा कम्प्लेन्ड.

“डोण्ट (डू नॉट) बी मीन, सबा. देयर इज़ ऑल्वेज़ अ फर्स्ट टाईम फॉर एवरी वन. काण्ट यू सी हाऊ गुड हर पासेस आर ? ऐण्ड फिजिकली शी इज़ फिटर दैन एनी ऑफ यू.” द फिजिकल एजुकेशन टीचर एडमॉनिश्ड सबा.)

अनुवाद :
ममता पूर्व में पास के कस्बे के एक छोटे विद्यालय में पढ़ती थी क्योंकि उसके माँ-बाप किसी बड़े विद्यालय में भेजने का खर्चा नहीं उठा सकते थे। वह तो क्योंकि उसने अभी एक धर्मार्थ न्यास द्वारा दी जाने वाली छात्रवृत्ति जीती जिसके कारण उसका इस प्रतिष्ठित अंग्रेजी माध्यम के विद्यालय में प्रवेश सम्भव हो पाया। अपने घर से दूर, छात्रावास में रहने के कारण उसकी प्रबल इच्छा थी कि कुछ मित्र (सहेलियाँ) हों परन्तु अभी तक ज्यादातर लड़कियों ने छोटे से कस्बे से आई हुई लड़की को मित्र के रूप में स्वीकार करने से इन्कार कर दिया था। इस विद्यालय में पढ़ने वाली अधिकतर लड़कियाँ बेहद सम्पन्न परिवारों से थीं। वे सब उसके साथ एक अनचाहे, बिन बुलाए मेहमान की तरह बर्ताव करती थीं जो कि उनकी हैसियत से बहुत नीचे थी।

“सर इसने पहले कभी बॉस्केटबॉल नहीं खेला। आप उसे टीम में कैसे ले सकते हैं?” टीम की कप्तान सबा ने विरोध किया।

“तुच्छ न बनो, सबा। सभी के लिए हमेशा कभी तो प्रथम प्रयास होता है। क्या तुम्हें दिखाई नहीं देता कि वो कितनी अच्छी तरह से पास (गेंद को अपने साथी खिलाड़ी को देना) देती है? और शारीरिक रूप से वह तुम सब से ज्यादा स्वस्थ है।” शारीरिक शिक्षा अध्यापक ने सबा को झिड़क दिया।)

“Oh, no! Now we can forget all about winning the trophy in the inter-school basketball championship this year,” grumbled Reema, the vice-captain of the team.

The other girls in her group also made faces to show their displeasure. What these girls did not know was that if anyone told Mamta she could not do a certain thing, she accepted it as a challenge and never rested till she had proved them wrong.

The coach had heard Reema and said, “Have you been able to win the trophy even once since you started playing? Maybe this year you will at last win because of Mamta.”

Mamta was touched by that remark. She silently thanked the coach for his support and made up her mind to be so good at the game that the team would feel incomplete without her.

(“ओह, नो! नाऊ वी कैन फॉरगेट ऑल अबाऊट विनिंग द ट्रॉफी इन द इण्टर-स्कूल बॉस्केटबॉल चैम्पियनशिप दिस यीअर,” ग्रम्बल्ड रीमा, द वाईस-कैप्टेन ऑफ द टीम द अदर गर्ल्स इन हर ग्रुप ऑल्सो मेड फेसेस टू शो देयर डिसप्लेज़र व्हॉट दीज़ गर्ल्स डिड नॉट नो वॉज़ दैट इफ एनीवन टोल्ड ममता शी कुड नॉट डू अ सर्टन थिंग, शी एक्सेप्टिड इट ऐज़ अ चैलेन्ज ऐण्ड नेवर रेस्टेड टिल शी हैड प्रूव्ड दैम रॉन्ग

द कोच हैड हर्ड रीमा ऐण्ड सेड,“हैव यू बीन एबल टू विन द ट्रॉफी ईवन वन्स सिन्स यू स्टार्टिड प्लेइंग? मेबी दिस यीअर यू विल ऐट लास्ट विन बिकॉज़ ऑफ ममता.”

ममता वॉज़ टच्ड बाई दैट रिमार्क. शी साइलेण्टली थैक्ड द कोच फॉर हिज़ सपोर्ट ऐण्ट मेड अप हर माईण्ड टू बी सो गुड ऐट द गेम दैट द टीम वुड फील इनकम्प्लीट विदाऊट हर.)

अनुवाद :
“ओ नहीं! अब तो हमें इस वर्ष अन्तर-विद्यालयी बॉस्केटबॉल प्रतियोगिता जीतने की बात को भूल जाना चाहिए।” टीम की उप-कप्तान रीमा बड़बड़ाई।

उनके दल की अन्य लड़कियों ने भी मुँह बनाकर अपनी अप्रसन्नता प्रकट की। किन्तु इन लड़कियों को यह नहीं पता था कि यदि ममता को कोई यह बोल देता था कि वह कोई काम नहीं कर सकती तो ममता उसे एक चुनौती की तरह लेती थी और तब तक शान्त नहीं बैठती थी जब तक कि उन्हें गलत न साबित कर दे।

प्रशिक्षक ने रीमा की बात सुन ली थी, उन्होंने कहा “क्या तुम एक बार भी यह प्रतियोगिता जीत पाई हो जब से तुमने खेलना शुरू किया है? शायद इस वर्ष आखिरकार जीतो ममता के कारण।”

प्रशिक्षक की बात ने ममता को छू लिया। उसने मन ही मन उनको समर्थन के लिए धन्यवाद दिया और यह दृढ़ निश्चय किया कि वह इस खेल में इतनी कुशल होकर दिखाएगी कि उसके बिना टीम खुद को अधूरा महसूस करने लगे।

She thought of the famous words that her mother often repeated to her, ‘Practice makes a man perfect’. So she started using all her free time in practising basketball. She was thankful that the coach was helping her in every way. She kept perfecting her passes and her techniques with firm determination. Even the snide remarks from the teammates made her more resolute.

Like the time when she dropped a pass and Hema said, “Do you have butter fingers that you cannot even hold the ball properly?” or when Reema said, “Don’t try to act nice on the court. It won’t get you anywhere. You have to be a fighter to play this game and always be on the offensive. Delicate girls like you have no place on the court.” Little did the girls realize that these remarks really bought out the fighter in her.

(शी थॉट ऑफ द फेमस, वर्ड्स दैट हर मदर ऑफन रिपीटिड टू हर, ‘प्रैक्टिस मेक्स अ मैन परफेक्ट,’ सो शी स्टार्टिड यूजिंग ऑल हर फ्री टाईम इन प्रैक्टिसिंग बॉस्केटबॉल शी वॉज़ बैंकफुल दैट द कोच वॉज़ हेल्पिंग हर इन एवरी वे शी केप्ट परफेक्टिंग हर पासिस ऐण्ड हर टेक्नीक्स विद फर्म डिटरमिनेशन. ईवन द स्नाईड रिमार्क्स फ्रॉम द टीममेट्स मेड हर मोर रिज़ोल्यूट.

लाईक द टाईम व्हेन शी ड्रॉप्ड अ पास ऐण्ड हेमा सेड, “डू यू हैव बटर फिंगर्स दैट यू कैननॉट ईवन होल्ड द बॉल प्रॉपर्ली?” और व्हेन रीमा सेड, “डोण्ट ट्राई टू ऐक्ट नाईस ऑन द कोर्ट   इट वोण्ट (वुडनॉट) गैट यू एनीव्हेयर. यू हैव टू बी अ फाईटर टू प्ले दिस गेम ऐण्ड ऑल्वेज़ बी ऑन द ऑफेन्सिव. डेलिकेट गर्ल्स लाईक यू हैव नो प्लेस ऑन द कोर्ट.” लिटल डिड द गर्ल्स रियलाईज़ दैट दीज़ रिमार्क्स रीयली ब्रॉट आऊट द फाईटर इन हर.)

अनुवाद :
ममता को अपनी माँ के शब्द जो वह अक्सर कहती थीं याद आए “अभ्यास व्यक्ति को निपुण बनाता है।” इसलिए ममता अपना सारा खाली समय बॉस्केटबॉल के अभ्यास में लगाने लगी। वह कृतज्ञ थी कि उसके प्रशिक्षक उसकी हर प्रकार से सहायता कर रहे थे। वह दृढ़ निश्चय के साथ पास (गेंद को साथी खिलाड़ी को देना) देने की कला व अपने खेल कौशल को निखारने में लगी रही। साथी खिलाड़ियों की व्यंग्यात्मक टिप्पणियों ने उसके संकल्प को और दृढ़ कर दिया।

जैसे कि जब एक बार वह साथी खिलाड़ी द्वारा गेंद देने पर उसे पकड़ नहीं पाई तो हेमा ने कहा “क्या तुम्हारी ऊँगलियाँ मक्खन की हैं जो तुम गेंद तक नहीं पकड़ पाती ठीक से ?” अथवा जब रीमा ने कहा, “कोर्ट पर भली बनने की कोशिश मत करो। यह तुम्हें कहीं नहीं ले जा सकता। इस खेल को खेलने के लिए तुम्हें लड़ाका (योद्धा) बनना पड़ेगा और हमेशा आक्रामक रहना पड़ेगा। तुम जैसी नाजुक लड़कियों की इस खेल के मैदान पर कोई जगह नहीं है।” उन लड़कियों को ज़रा भी अन्दाज़ा नहीं था कि ऐसी टिप्पणियों ने सच में ही उसके अन्दर के योद्धा को जगा दिया था।

One month later, the school organized the annual sports meet. Mamta wanted to participate in the 400 metre race. She was a fast runner. She used to walk long distances in her town. That had helped her develop strong leg muscles and good stamina. On top of that she was also tall for her age. She would be competing against the school champion, who had been winning the race for the past three years. Most girls laughed at her wish to win the race. After all, Mamta had never before participated in a race. But she believed in herself. She knew she could run well. It was just a matter of rigorous practice. And she wanted to win for a very strong reason. She felt that winning against the school champion would also help her somehow in her basketball game. So she started concentrating on her speed when she exercised in the morning.

(वन मन्थ लेटर, द स्कूल ऑर्गनाईज्ड द ऐनुअल स्पोर्ट्स मीट ममता वॉण्टिड. टू पार्टिसिपेट इन द फोर हन्ड्रेड मीटर रेस. शी वॉज़ अ फास्ट रनर. शी यूज्ड.टू वॉक लॉन्ग डिस्टेन्सिस इन हर टाऊन. दैट हैड हेल्पड् हर डेवलप स्ट्रॉन्ग लेग मसल्स ऐण्ड गुड स्टैमिना. ऑन टॉप ऑफ दैट शी वॉज़ ऑल्सो टॉल फार हर एज. शी वुड बी कम्पीटिंग अगेन्स्ट द स्कूल चैम्पियन, हू हैड बीन विनिंग द रेस फॉर द पास्ट थ्री यीअर्स मोस्ट गर्ल्स लाफ्ड ऐट हर विश टू विन द रेस. आफ्टर ऑल ममता हैड नेवर बिफोर पार्टिसिपेटिड इन अ रेस. बट शी बिलीव्ड इन हरसेल्फ. शी नियू शी कुड रन वेल. इट वॉज़ जस्ट अ मैटर ऑफ रिगरस प्रैक्टिस. ऐण्ड शी वाण्टिड टू विन फॉर अ वेरी स्ट्रॉन्ग रीज़न शी फेल्ट दैट विनिंग अगेन्स्ट द स्कूल चैम्पियन वुड ऑल्सो हेल्प हर समहाऊ इन हर बॉस्केटबॉल गेम. सो शी स्टार्टिड कन्सनट्रेटिंग ऑन हर स्पीड व्हेन शी एक्सरसाईज्ड इन द मॉर्निंग.)

अनुवाद :
एक महीने पश्चात विद्यालय में वार्षिक खेलकूद आयोजित किए गए। ममता चार सौ मीटर की दौड़ में प्रतिभाग करना चाहती थी। वह एक तेज धावक थी। अपने कस्बे में वह काफी दूर तक पैदल चला करती थीं। इस कारण उसके पैर की माँसपेशियाँ बहुत मजबूत हो गई थी और सहनशक्ति भी बहुत अच्छी हो गई थी और फिर वह काफी लम्बी थी उसकी उम्र को देखते हुए। उसे अपने विद्यालय के विजेता के खिलाफ दौड़ना था जो पिछले तीन वर्षों से यह दौड़ जीतती आ रही थी। लगभग सभी लड़कियाँ उसकी इस दौड़ को जीतने की इच्छा पर हँसी। आखिर ममता ने इससे पहले किसी दौड़ प्रतियोगिता में भाग नहीं लिया था। परन्तु उसे स्वयं पर भरोसा था। उसे पता था कि वह अच्छा दौड़ सकती है। उसे सिर्फ कठिन. अभ्यास करना था। और वह यह दौड़ एक बहुत विशिष्ट कारण से जीतना चाहती थी। उसको लग रहा था कि विद्यालय के विजेता के खिलाफ जीतने से बॉस्केटबॉल के खेल में भी मदद मिलेगी। इसलिए उसने दौड़ने की गति पर ध्यान देना शुरू कर दिया जब वह सुबह व्यायाम करती थी।

The day of the race downed. It turned out to be a close race. Towards the end Mamta caught up with the champion. Her eyes were fixed at the finishing line. Like Arjuna in the Mahabharata aiming at the fish’s eye, Mamta too could see nothing else. And in the end she did win, though by a couple of seconds only. It was so unexpected that there was a moment’s silence all around as she crossed the finishing line. Even the judges on the field were surprised that someone looking so frail and delicate could run so fast. There was a lot of excitement on the field before Mamta was announced the winner.

(द डे ऑफ द रेस डॉन्ड. इट टर्ड आऊट टू बी अ क्लोज़ रेस. टुवर्ड्स द एण्ड ममता कॉट अप विद द चैम्पियन. हर आईज़ वर फिक्सड ऐट द फिनिशिंग लाईन. लाईक अर्जुन इन द महाभारत एमिंग ऐट द फिशिश आई, ममता टू कुड सी नथिंग एल्स ऐण्ड इन द एण्ड शी डिड विन, दो बाई अ कपल ऑफ सेकण्ड्स ओनली इट वॉज़ सो अनएक्सपेक्टिड दैट देयर वॉज़ अ मोमेण्ट्स साईलेन्स ऑल अराऊण्ड ऐज शी क्रॉस्ड द फिनिशिंग लाईन. ईवन द जजिस ऑन द फील्ड वर सरप्राईज्ड दैट समवन लकिंग सो फ्रेल ऐण्ड डेलिकेट कड रन सो फास्ट. देअर वॉज अ लॉट ऑफ एक्साईटमेण्ट ऑन द फील्ड बिफोर ममता वॉज़ अनाउन्सड द विनर.)

अनुवाद :
प्रतियोगिता का दिन आ पहुँचा। वह एक बहुत प्रतिद्वन्द्वितापूर्ण दौड़ साबित हुई। दौड़ के आखिर में ममता विजेता के बराबर आ गई। उसकी दृष्टि समाप्ति रेखा पर जमी हुई थी। जिस,प्रकार महाभारत में अर्जुन की दृष्टि मछली पर स्थिर थी, उसी प्रकार ममता को भी और कुछ नजर नहीं आ रहा था। आखिरकार ममता जीत ही गई अपितु महज कुछ क्षणों से। यह कुछ ऐसा अप्रत्याशित था कि कुछ पलों के लिए सब तरफ सन्नाटा सा छा गया जब ममता ने समाप्ति रेखा पार की। यहाँ तक कि मैदान पर मौजूद निर्णायक भी इस बात से हैरान थे कि इतनी कमजोर दुबली-पतली नाजुक सी दिखने वाली लड़की इतना तेज़ दौड़ सकती है। मैदान पर काफी उत्तेजना व हलचल थी ममता को विजेता घोषित किए जाने से पहले।

The previous year’s champion showed that she was a true sportsperson; she hugged Mamta and congratulated her. Then, as Mamta received her prize, she also got a standing ovation. It had taken Mamta just a few moments on the field to become a celebrity. The race changed Mamta’s image in the school. She became very popular and even her teammates were now less hostile towards her. This gave a massive boost to her confidence. Now Mamta wanted to play a major role in the match and win the inter-school trophy for her school more than anything else.

(द प्रीवियस यीअर्स चैम्पियन शोड दैट शी वॉज़ अ ट्र स्पोर्ट्सपर्सन; शी हग्ड ममता ऐण्ड कांग्रैचुलेटिड हर. देन, ऐज़ ममता रिसीव्ड हर प्राईज़, शी ऑल्सो गॉट अ स्टैण्डिग ओवेशन इट हैड टेकिन ममता जस्ट अ फ्यू मोमेण्ट्स ऑन द फील्ड टु बिकम अ सेलिब्रिटी द रेस चेन्ज्ड ममतास इमेज इन द स्कूल शी बिकेम वेरी पॉपुलर ऐण्ड ईवन हर टीममेट्स वर नाऊ लेस हॉस्टाईल टुवर्ड्स हर दिस गेव अ मैसिव बूस्ट टू हर कॉन्फिडेन्स नाऊ ममता वाण्टिड टू प्ले अ मेजर रोल इन द मैच ऐण्ड विन द इण्टर-स्कूल ट्रॉफी फॉर हर स्कूल मोर दैन एनीथिंग एल्स.)

अनुवाद :
पिछले वर्ष की विजेता ने दिखाया कि वह सच में एक खिलाड़ी है; उसने ममता को गले लगाया और बधाई दी। फिर जब ममता को पुरस्कार दिया गया तो सभी उपस्थित जनों ने खड़े होकर तालियाँ बजाई और उसके प्रति अपना सम्मान प्रकट किया। बस कुछ ही पल लगे थे ममता को मैदान पर एक ख्याति प्राप्त व्यक्ति होने में। दौड़ ने ममता की छवि बदल दी। वह काफी लोकप्रिय हो गई यहाँ तक कि उसकी टीम की साथी खिलाड़ियों का बर्ताव भी अब पहले जैसा नहीं था। इसने ममता के आत्मविश्वास को ज़बरदस्त बढ़ावा दिया। अब ममता बॉस्केटबॉल के मैच में महत्वपूर्ण भूमिका निभाना चाहती थी और किसी भी चीज़ से अधिक अपने विद्यालय के लिए अन्तर-विद्यालयी प्रतियोगिता जीतना चाहती थी।

She kept practising hard. She proved to be excellent with passes and good at offence and defence. Being a fast runner, she could easily dodge her opponents and it sometimes looked as if she was flying with the ball. Before anyone could catch up with her, she would have reached the basket. And her shots too were perfect most of the time.

Finally, the inter-school basketball competition started. In all, ten teams were participating in the competition. Mamta’s school had never before even reached the semi-finals. So this year the girls were desperate to win.

(शी केप्ट प्रैक्टिसिंग हार्ड शी प्रव्ड टू बी एक्सिलेण्ट विद पासिस ऐण्ड गुड ऐट ऑफेन्स ऐण्ड डिफेन्स बीईंग अ फास्ट रनर, शी कुड ईज़िली डॉज हर ऑपोनेण्ट्स ऐण्ड इट समटाईम्स लुक्ड ऐज इफ शी वॉज़ फ्लाइंग विद द बॉल बिफोर एनीवन कुड कैच अप विद हर, शी वुड हैव रीच्ड द बॉस्केट ऐण्ड हर शॉट्स टू वर परफेक्ट मोस्ट ऑफ द टाईम।

फाईनली, द इण्टर-स्कूल बॉस्केटबॉल कम्पिटीशन स्टार्टिड इन ऑल, टेन टीम्स वर पार्टिसिपेटिंग इन द कम्पिटीशन. ममतास स्कूल हैड नेवर बिफोर ईवन रीच्ड.द सेमी-फाइनल्स सो दिस यीअर द गर्ल्स वर डेस्परेट ट्र विन.)

अनुवाद :
वह कठिन अभ्यास में लगी रही। वह पास देने व लेने में बेहतरीन साबित हो रही थी तथा खेल के आक्रामक एवं रक्षात्मक दोनों पहलुओं में बहुत अच्छी हो गई थी। बहुत तेज धावक होने के कारण वह बहुत आसानी से प्रतिद्वन्द्वी को छका लेती थी और कई बार तो यह भी लगता था जैसे वह गेंद के साथ उड़ सी रही है। इससे पहले कि कोई उस तक पहुँच पाए वह प्रतिद्वन्द्वी टीम की बॉस्केट तक पहुँच जाती थी। और उसके शॉट (गेंद को बॉस्केट के अन्दर डालने के लिए फेंकना) भी अब अचूक होने लगे थे।

आखिरकार अन्तर-विद्यालयी बॉस्केटबॉल प्रतियोगिता आरम्भ हुई। कुल दस टीमें प्रतियोगिता में प्रतिभाग कर रही थीं। ममता का विद्यालय इससे पहले कभी इस प्रतियोगिता के सेमी-फाइनल चरण (अन्तिम चरण से पूर्व का चरण) तक नहीं पहुँच पाया था। इसलिए इस वर्ष सभी लड़कियाँ किसी भी तरह से जीतना चाहती थीं।

Their team went up to the finals. Mamta had a big role in the team reaching the finals. Her shots never missed and being five feet six inches tall, she could easily pass the ball to whoever she wished to, and grab it easily when it was meant for someone else. With every game they won, her teammates respected her more than before. Without her, they would have found it very difficult to reach the finals.

In the finals, they were up against the city champions. The game finished with equal points for both the teams. So both the teams got three free shots each. The opponents were able to score only one shot out of three. From her team, Mamta was chosen to hook the ball. She had to score at least two baskets to win. All eyes were fixed on her.

(देयर टीम वेण्ट अप टू द फाइनल्स. ममता हैड अ बिग रोल इन द टीम रीचिंग द फाइनल्स हर शॉट्स नेवर मिस्ड ऐण्ड बीईंग फाईव फीट सिक्स इन्चिस टॉल, शी कुड ईज़िली पास द बॉल टू हूएवर शी विश्ड टू, ऐण्ड ग्रैब इट ईजिली व्हेन इट वॉज़ मेण्ट फॉर समवन एल्स विद एवरी गेम दे वन, हर टीममेट्स रिस्पेक्टिड हर मोर दैन बिफोर विदाऊट हर, दे वुड हैव फाउण्ड इट वेरी डिफिकल्ट टू रीच द फाईनल्स

इन द फाइनल्स दे वर अप अगेन्स्ट द सिटी चैम्पियन्स द गेम फिनिश्ड विद ईक्वल पॉईन्ट्स फॉर बोथ द टीम्स सो बोथ द टीम्स गॉट थ्री फ्री शॉट्स ईच द ऑपोनेण्ट्स वर एबल टू स्कोर ओनली वन शॉट आऊट ऑफ थ्री. फ्रॉम हर टीम, ममता वॉज़ चोजन टू हुक द बॉल शी हैड टू स्कोर ऐट लीस्ट टू बॉस्केट्स टू विन. ऑल आईज़ वर फिक्स्ड ऑन हर.)

अनुवाद :
उनकी टीम फाइनल तक पहुँच गई। टीम के फाइनल तक पहुँचने में ममता की बहुत बड़ी भूमिका थी। उसके शॉट (बॉस्केट की तरफ फेंकी गई गेंद) कभी खाली नहीं गए और पाँच फुट छह इन्च की लम्बाई के कारण वह बहुत आसानी से किसी को भी पास दे सकती थी और किसी अन्य के लिए जाती गेंद को बीच में ही लपक सकती थी। हर जीत के साथ उसकी टीम की साथी खिलाड़ियों के मन में उसके प्रति सम्मान बढ़ता जा रहा था। उसके बिना उनकी टीम के लिए फाइनल तक पहुँच पाना बहुत ही मुश्किल था।

फाइनल में उनका सामना शहर की विजेता टीम से था। खेल के अन्त में दोनों टीमों के बराबर अंक थे। इसलिए दोनों टीमों को तीन फ्री शॉट (बॉस्केटबॉल के खेल में एक विशेष स्थान पर खड़े होकर गेंद को बॉस्केट की तरफ उछालना) मिले। प्रतिद्वन्द्वी टीम तीन में से केवल एक बार गेंद को बॉस्केट में डाल पाई। ममता की टीम की तरफ से ममता को फ्री शॉट लेने के लिए चुना गया। उसे तीन में से कम-से-कम दो बार गेंद को बॉस्केट में डालना था जीतने के लिए। सभी की दृष्टि उस पर लगी थी।

She bounced the ball nervously, knowing fully well the responsibility she carried on her shoulders. Suddenly, she remembered Reema’s words the day she was chosen for the team. ‘Now we can forget all about winning the trophy in the inter-school basketball championship this year. Those words set her on fire again. This was her chance to show everyone how wrong they were. She made her shot, and it was a perfect basket. There was a loud applause from the audience. Both the teams were again equal.

But could she do it again? There was deafening silence in the field in anticipation of her shot. It was as if no one even dared to breathe. Mamta bent her legs, raised the ball into position, and at last took the shot. She felt tears streaming down her face as the ball looped through the basket and bounced on the ground. Their team had made history. They had been participating in the competition for long, but it was the first time that they had reached the finals and had won it too.

(शी बाऊन्स्ड द बॉल नर्वसली, नोईंग फुली वेल द रिस्पॉन्सिबिलिटी शी कैरिड ऑन हर शोल्डर्स सडनली, शी रिमेम्बर्ड रीमाज़ वर्ड्स द डे शी वॉज़ चोज़न फॉर द टीमः ‘नाऊ वी कैन फॉरगेट ऑल अबाऊट विनिंग द ट्रॉफी इन द इण्टर-स्कूल बास्केटबॉल चैम्पियनशिप दिस यीअर. ‘दोज़ वर्ड्स सेट हर ऑन फायर अगेन दिस वॉज़ हर चान्स टू शो एवरीवन हाऊ रॉन्ग दे वर. शी मेड हर शॉट, ऐण्ड इट वॉज़ अ परफेक्ट बास्केट. देयर वॉज़ अ लाऊड अपलॉज़ फ्रॉम द ऑडियन्स बोथ द टीम्स वर अगेन ईक्वल.

बट कुड शी डू इट अगेन? देयर वॉज़ डेफनिंग साइलेन्स इन द फील्ड इन एन्टिसिपेशन ऑफ हर शॉट. इट वॉज़ ऐज़ इफ नो वन ईवन डेअर्ड टू ब्रीद. ममता बेण्ट हर लेग्ज, रेज्ड द बॉल इन्टू पोज़िशन, ऐण्ड ऐट लास्ट टुक द शॉट शी फेल्ट टीयर्स स्ट्रीमिंग डाऊन हर फेस ऐज द बॉल लूप्ड धू द बास्केट ऐण्ड बाऊन्स्ड ऑन द ग्राउण्ड देयर टीम हैड मेड हिस्ट्री. दे हैड बीन पार्टिसिपेटिंग इन द कम्पिटिशन फॉर लॉन्ग, बट इट वॉज़ द फर्स्ट टाईम दे हैड रीच्ड द फाइनल्स ऐण्ड वन इट टू.)

अनवाद :
यह बखूबी जानते हुए कि उसके कंधों पर कितनी बड़ी जिम्मेदारी थी वह थोड़ी घबराई अवस्था में गेंद को ज़मीन पर टप्पा खिलाने लगी। अचानक उसे रीमा के कहे हुए शब्द याद आ गए जो उसने उस दिन कहे थे जिस दिन ममता को टीम में चुना गया था, “अब हमें इस वर्ष अन्तर-विद्यालयी बॉस्केटबॉल प्रतियोगिता जीतने की बात को भूल जाना चाहिए।” वो शब्द याद आते ही उसकी घबराहट दूर हो गई और उसे अपना संकल्प याद आ गया। यही मौका था उसके लिए सबको यह दिखाने के लिए कि कितने गलत थे वे। उसने गेंद को बॉस्केट की तरफ उछाला और गेंद सीधे बॉस्केट में चली गई। दर्शकों ने तुमुल हर्षध्वनि के साथ उसके प्रयास को सराहा। दोनों टीमें फिर से बराबर हो गईं।

पर क्या वह फिर से यह कर पाएगी ? उसके अगले प्रयास की प्रत्याशा में वहाँ ऐसा सन्नाटा पसर गया मानो सब गूंगे हो गए हों। ऐसा लगा रहा था जैसे सभी साँस तक लेने से डर रहे हों। ममता ने अपने पैरों को हल्का सा मोड़ा, गेंद को ऊपर उठा कर सही स्थिति में लाई, और आखिरकार उसने गेंद को बॉस्केट की तरफ उछाल दिया। जैसे ही गेंद बॉस्केट के अन्दर से निकलकर ज़मीन पर आ कर गिरी ममता को अपने चेहरे पर बहते हुए आँसुओं का अहसास हुआ। उनकी टीम ने इतिहास रचा था। उनकी टीम इस प्रतियोगिता में काफी वर्षों से प्रतिभाग कर रही थी, परन्तु यह पहली बार था कि उनकी टीम फाइनल में पहुँची और जीत भी गई।

Mamta’s teammates came running from all around and hugged her. Everyone was shouting and dancing at the same time. There was cheering all around.

In the noise she heard Saba say, “I will never again prejudge people; I hope you can forgive me.”

Reema too joined Saba and apologized to Mamta.

Mamta clasped their hands and said, “Finally, I feel as if I belong here.”

Just then their coach came forward to ‘congratulate them. “Mamta, you did not let me down. Thank you,” he said.

“No, sir, I should be thanking you. Had you not shown faith in me the day you chose me, I would never have even learnt the game,” Mamta said, wiping her tears of happiness.

She had really become indispensable for the team, all because of her determination and hardwork.

(ममताज़ टीममेट्स केम रनिंग फ्रॉम ऑल अराऊण्ड ऐण्ड हग्ड हर. एवरीवन वॉज़ शाऊटिंग ऐण्ड डान्सिंग ऐट द सेम टाईम. देयर वॉज़ चीयरिंग ऑल अराऊण्ड.

इन द नॉईज़ शी हर्ड सबा से, “आई विल नेवर अगेन प्रीजज पीपल; आई होप यू कैन फारगिव मी.”

रीमा टू जॉईन्ड सबा ऐण्ड अपॉलोजाईज्ड टू ममता ममता क्लैस्पड देयर हैण्ड्स ऐण्ड सेड, “फाइनली, आई फील ऐज़ इफ आई बिलॉन्ग हीयर.”

जस्ट देन देयर कोच केम फॉरवर्ड टू काँग्रैचुलेट दैम. “ममता, यू डिड नॉट लैट मी डाऊन बैंक यू.” ही सेड.

“नो, सर, आई शुड बी बैंकिंग यू. हैड यू नॉट शोन फेथ इन मी द डे यू चोज़ मी, आई वुड नेवर हैव ईवन लर्ट द गेम.” ममता सेड वाईपिंग हर टीयर्स ऑफ हैप्पिनैस.

शी हैड रीयली बिकम इनडिस्पेन्सेबल फॉर द टीम ऑल बिकॉज़ ऑफ हर डिटरमिनेशन ऐण्ड हार्डवर्क.)

अनुवाद :
ममता की टीम की साथी खिलाड़ी सब तरफ से दौड़ती हुई आयीं और उसे गले लगा लिया। सभी लोग एक ही समय में खुशी से चिल्ला रहे थे और नृत्य भी कर रहे थे। सब तरफ आनन्द का माहौल था।

उसी शोर में उसने सबा को कहते सुना “मैं फिर कभी किसी के लिए पूर्वधारणा नहीं बनाऊँगी; आशा है तुम मुझे क्षमा कर सकोगी।”

सबा की ही तरह रीमा ने भी ममता से क्षमा याचना की। ममता ने उनके हाथों को भींचते हुए कहा, “आखिरकार आज मुझे ऐसा अनुभव हो रहा है कि मैं भी तुम में से ही हूँ।” ठीक तभी उनके प्रशिक्षक आगे आए उनको बधाई देने। उन्होंने कहा “ममता, तुमने मेरी इज्जत रख ली और मुझे नीचा नहीं देखने दिया। धन्यवाद।”

“नहीं सर (अध्यापक महोदय) मुझे आपको धन्यवाद देना चाहिए। अगर आपने उस दिन मुझ पर भरोसा नहीं जताया होता मुझे चुनकर, तो मैं यह खेल कभी सीख ही नहीं पाती।” ममता ने अपने खुशी के आँसुओं को पोंछते कहा।

वह अपने दृढ़ निश्चय एवं कठोर परिश्रम से अपनी टीम के लिए अपरिहार्य बन चुकी थी।

We as a team believe the knowledge shared on our page regarding the MP Board Solutions for Class 10th English Chapter 6 The New Player in the Team Questions and Answers has cleared all your queries. For any other help don’t hesitate and leave us a comment so that we will get back to you at the soonest. Stay connected to our page to avail the latest updates regarding the MP Board Solutions for various subjects in a matter of seconds.

Leave a Comment