MP Board Class 8th Sanskrit Solutions विविधप्रश्नावलिः 2

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MP Board Class 8th Sanskrit Solutions Surbhi विविधप्रश्नावलिः 2

प्रश्न 1.
प्रश्नानाम् एकपदेन उत्तरं लिखत(प्रश्नों के एक शब्द में उत्तर लिखो-)
(क) भूमेः गुरुतरा का? (पृथ्वी से भारी क्या है?)
उत्तर:
माता। (माता)

(ख) आतुरस्य मित्रं किम्? (रोगी का मित्र क्या है?)
उत्तर:
भिषग। (वैद्य)

(ग) वसन्तपञ्चमी कस्य आगमनं सूचयति? (वसन्त पंचमी किसके आगमन को सूचित करती है?)
उत्तर:
ऋतुराजवसन्तस्य (ऋतुराजवसन्त के)

(घ) वसन्तोत्सवे कस्याः पूजनम् भवति? (वसन्त के उत्सव में किसका पूजन होता है?)
उत्तर:
सरस्वत्याः। (सरस्वती का)

(ङ) चन्द्रशेखरस्य जन्म कस्मिन् ग्रामे अभवत्? (चन्द्रशेखर का जन्म किस गाँव में हुआ था।)
उत्तर:
भाभराग्रामे। (भाभरा गाँव में)

(च) चन्द्रशेखरः काम् भाषाम् अधीतवान्। (चन्द्रशेखरः ने किस भाषा को पढ़ा?)
उत्तर:
संस्कृतभाषाम्। (संस्कृत भाषा को)

(छ) अस्तसमये सूर्यस्य वर्णः कः भवति? (अस्त होते समय सूर्य का रंग कैसा होता है?)
उत्तर:
ताम्रः। (लाल)

(ज) नरत्वं दुर्लभं कुत्र? (मानव जन्म कहाँ कठिनता से प्राप्त होता है?)
उत्तर:
लोके। (संसार में)

(झ) जयन्तः सीताचरणे किं कृतवान्? (जयन्त ने सीता के चरणों में क्या किया?)
उत्तर:
चञ्चुप्रहारम्। (चोंच का प्रहार)

(ञ) चित्रकूटे जलप्रतापस्य किं नाम? (चित्रकूट में जल प्रपात का क्या नाम है?)
उत्तर:
हनुमान्धारा। (हनुमान् धारा)

(ट) पुष्पसजंकण्ठे कः समर्पयति? (पुष्पाहार गले में कौन समर्पित करता है?)
उत्तर:
शिवराजः। (शिवाजी)

(ठ) अहिल्यायाः व्यक्तित्वं कथं वर्तते? (अहिल्या का व्यक्तित्व कैसा है?)
उत्तर:
बहुमुखिप्रतिभासम्पन्नम्। (बहुमुखी प्रतिभा से सम्पन्न।)

(ड) माहिष्मती कस्य राजधानी आसीत्। (माहिष्मती किसकी राजधानी थी?)
उत्तर:
सहस्रार्जुनस्य। (सहस्रार्जुन की।)

प्रश्न 2.
प्रश्नानाम् एकवाक्येन उत्तरं लिखत(प्रश्नों के एक वाक्य में उत्तर लिखो-)
(क) युधिष्ठिरस्य मातुः नाम किम्? (युधिष्ठिरस्य माता का नाम क्या था?)
उत्तर:
युधिष्ठिरस्य मातुः नाम कुन्ती। (युधिष्ठिर की माता का नाम कुन्ती था।)

(ख) प्रसन्नोभूत्वा यक्षः किम् अकरोत्? (प्रसन्न होकर यक्ष ने क्या किया?)
उत्तर:
प्रसन्नोभूत्वा यक्षः सर्वेभ्यः जीवनं दत्तवान्। (प्रसन्न होकर यक्ष ने सभी को जीवन दे दिया।)

(ग) ऋतुराजवसन्तस्य आगमनसूचना कदा भवति? (ऋतुराज वसन्त के आगमन की सूचना कब होती है?)
उत्तर:
ऋतुराजवसन्तस्य आगमनसूचना माघमासस्य शुक्लपक्षस्य पञ्चम्यां तिथौ भवति।। (ऋतुराज वसन्त के आगमन की सूचना माघ महीने के शुक्लपक्ष की पंचमी तिथि को होती है।)

(घ) तमिलनाडुराज्ये जनाःशारदां कथम् अर्चयन्ति। (तमिलनाडु राज्य में लोग शारदा को कैसे पूजते हैं?)
उत्तर:
तमिलनाडुराज्ये जनाः प्रकाशितान् हस्तलिखितान् ग्रन्थात् एकस्याम् पीठिकायां संस्थाप्य विविधैः उपचारैः शारदां अर्चयन्ति। (तमिलनाडु राज्य में लोग प्रकाशित हस्तलिखित ग्रन्थों को एक चौकी पर रखकर विभिन्न पूजा की विधियों से शारदा की पूजा करते हैं।)

(ङ) स्वाधीनतान्दोलने के के चन्द्रशेखरस्य सहायकाः अभवन्? (स्वाधीनता के आन्दोलन में कौन-कौन चन्द्रशेखर के सहायक हुए?)
उत्तर:
स्वाधीनतान्दोलने भगतसिंह-राजगुरु-बटुकेश्वरशिवराम-सुखदेवसदृशाः। क्रान्तिकारिणः चन्द्रशेखरस्य सहायकाः अभवन्। (स्वाधीनता के आन्दोलन में भगतसिंह, राजगुरु, बटुकेश्वर, शिवराम, सुखदेव जैसे क्रान्तिकारी चन्द्रशेखर के सहायक हुए।)

(च) चन्द्रशेखरः कथं वीरगतिम् प्राप्नोत्? (चन्द्रशेखर ने कैसे वीरगति प्राप्त की?)
उत्तर:
चन्द्रशेखरः स्वहस्तेनैव स्वकीये मस्तके गोलिका प्रहारेण वीरगति प्राप्नोत्। (चन्द्रशेखर ने अपने हाथ से ही अपने सिर में गोली के प्रहार से वीरगति प्राप्त की।)

(छ) वृक्षाणां स्वभावः कीदृशः? (पेड़ों का स्वभाव कैसा होता है?)
उत्तर:
वृक्षाणां स्वभावः सत्पुरुष इव। (पेड़ों का स्वभाव सज्जन जैसा होता है।)

(ज) न्याय्यात्पथः पदमपि के न विचलन्ति? (न्याय के मार्ग से एक कदम भी कौन नहीं हटते हैं।)
उत्तर:
न्याय्यात्पथः पदमपि धीराः न विचलन्ति? (न्याय के मार्ग से एक कदम भी धीर नहीं हटते हैं।)

(झ) हनुमान्धारा इति नाम कथम् प्रसिद्धम? (हनुमान् धारा यह नाम कैसे प्रसिद्ध हुआ?)
उत्तर:
लङ्कादहनानन्तरं रामाज्ञया हनुमान् अत्रैव शीतलत्वं प्राप्तवान् अतः एतस्य हनुमान्धारा इति नाम प्रसिद्धम्। (लंका दहन के बाद राम की आज्ञा से हनुमान ने यहीं ठण्डक प्राप्त की, अतः इसका हनुमान् धारा नाम प्रसिद्ध हुआ।)

(ञ) निर्झराः कीदृशाः वर्तन्ते? (झरने कैसे हैं?)
उत्तर:
निर्झराः कल-कलनादपूरिताः वर्तन्ते। (झरने कल-कल के स्वर से भरपूर हैं।)

(ट) धर्मराज्यसंस्थापनार्थं श्रीरामदासेन का आशी: प्रदत्ता? (धर्मराज्य की स्थापना के लिए श्रीरामदास ने क्या आशीर्वाद दिया?)
उत्तर:
धर्मराज्यसंस्थापनार्थः श्रीरामदासेन ‘तव सर्वत्र अप्रतिहतो विजयः भवतु’ इति आशीः प्रदत्ता। (धर्मराज्य की स्थापना के लिए श्रीरामदास ने ‘तुम्हारी सब जगह निर्विघ्न विजय होवे’ यह आशीर्वाद दिया।)

(ठ) शिवराजस्य गुरुः कः आसीत्? (शिवाजी के गुरु कौन थे?)
उत्तर:
शिवराजस्य गुरुः श्रीरामदासः आसीत्। (शिवाजी के गुरु श्रीरामदास थे।)

(ङ) अहिल्याबाई कीदृशी महिला आसीत्। (अहिल्याबाई कैसी महिला थीं?)
उत्तर:
अहिल्याबाई प्रजावत्सला, धर्मपारायणा, न्यायनिष्ठा च महिला आसीत्। (अहिल्याबाई प्रजावत्सल, धर्मपरायण और न्यायनिष्ठ महिला थीं।)

(ढ) अहिल्याबाई कदा जन्म अलभत? (अहिल्याबाई ने कब जन्म लिया?)
उत्तर:
अहिल्याबाई पवविंशत्युत्तर-सप्तदश ख्रिस्ताब्दे (१७२५) मईमासस्य एकत्रिंशे (३१) दिनांके जन्म अलभत) (अहिल्याबाई ने सत्रह सौ पच्चीस (१७२५) ई. में मई महीने की इकत्तीस (३१) तारीख को जन्म लिया।)

प्रश्न 3.
रेखाङ्कितपदम् आधृत्य प्रश्ननिर्माणं कुरुत(रेखांकित शब्द के आधार पर प्रश्न का निर्माण करो-)
(क) उदयास्तसमये रविः ताम्रवर्णः भवति। (उदय और अस्त के समय सूर्य लाल रंग का होता है।)
उत्तर:
उदयास्तसमये कः ताम्रवर्णः भवति? (उदय और अस्त के समय कौन लाल रंग का होता है?)

(ख) वृक्षाः अन्येभ्य: छायां कुर्वन्ति। (पेड़ दूसरों के लिए छाया करते हैं।)
उत्तर:
वृक्षाः केभ्यः छायां कुर्वन्ति। (पेड़ किनके लिए छाया करते हैं?)

(ग) न्याय्यात्पथः पदं न प्रविचलन्ति धीराः। (न्याय के मार्ग से एक कदम भी धीर पीछे नहीं हटते हैं।)
उत्तर:
न्याय्यात्पथः पदं न प्रविचलन्ति के? (न्याय के मार्ग से एक कदम भी कौन पीछे नहीं हटते हैं?)

(घ) वर्जयेत् तादृशम् मित्रम्। (उस प्रकार के मित्र को छोड़ देना चाहिए।)
उत्तर:
वर्जयेत् कीदृशम् मित्रम्? (किस प्रकार के मित्र को छोड़ देना चाहिए?)

(ङ) विविधैः पुष्पैः ऋतुराजस्य स्वागतम् भवति। (विभिन्न पुष्पों के द्वारा ऋतुराज का स्वागत होता
उत्तर:
कैः ऋतुराजस्य स्वागतम् भवति? (किनके द्वारा ऋतुराज का स्वागत होता है?)

(च) पुस्तकानाम् अपि पूजनम् भवति। (पुस्तकों का भी पूजन होता है।)
उत्तर:
केषाम् अपि पूजनम् भवति? (किनका भी पूजन होता है?)

(छ) शारदाम् अर्चयन्ति। (शारदा को पूजते हैं।)
उत्तर:
काम् अर्चयन्ति? (किसको पूजते हैं?)

(ज) रामघट्टः मन्दाकिन्याः तटे अस्ति। (रामघाट मन्दाकिनी के तट पर है।)
उत्तर:
रामघट्टः कस्याः तट अस्ति? (रामघाट किसके तट पर है?)

(झ) सः प्रातः विद्यालयं गच्छति। (वह सुबह विद्यालय जाता है।)
उत्तर:
सः कदा विद्यालयं गच्छति? (वह कब विद्यालय जाता है?)

(ञ) एषः मम अग्रजः अस्ति। (यह मेरा बड़ा भाई है।)
उत्तर:
एषः कस्य अग्रजः अस्ति? (यह किसका बड़ा भाई है।)

(ट) चित्रकूट सतना मण्डले अस्ति। (चित्रकूट सतना मण्डल में है।)
उत्तर:
चित्रकूटं कस्मिन् मण्डले अस्ति? (चित्रकूट किस मण्डल में है?)

(ठ) अहं मालवप्रदेशतः आगच्छामि। (मैं मालवप्रदेश से आ रहा हूँ।)
उत्तर:
अहं कुतः आगच्छामि? (मैं कहाँ से आ रहा हूँ?)

(ङ) राज्ञा महिष्मता निर्मिता माहिष्मती। (राजा महिष्मति के द्वारा माहिष्मती का निर्माण किया गया।)
उत्तर:
केन निर्मिता माहिष्मती? (किसके द्वारा माहिष्मती का निर्माण किया गया?)

(ढ) रघुवंशे माहिष्मतीवर्णनम् अस्ति। (रघुवंश में माहिष्मती का वर्णन है।)
उत्तर:
कुत्र माहिष्मतीवर्णनम् अस्ति? (कहाँ माहिष्मती का वर्णन है?)

प्रश्न 4.
कोष्ठकात् उचितानिपदानि चित्वारिक्तस्थानानि पूरयत (कोष्ठक से उचित शब्द चुनकर रिक्त स्थानों की पूर्ति करो-)
(क) माता ……… गुरुतरा अस्ति। (भूमि:/भूमेः)
(ख) ……….. भिषमित्रम् भवति। (आतुरः/आतुरस्य)
(ग) वसन्तपञ्चमी ……….. नाम्ना अपि ज्ञायते। (श्रीपञ्चमी/ऋषिपञ्चमी)
(घ) चन्द्रशेखरस्य पितुः नाम ………. आसीत्। (सीतारामः/दयारामः)
(ङ) चित्रकूटे रामचन्द्रः ………. यावत् निवासं कृतवान्। (चतुर्दशवर्षाणि/एकादशवर्षाणि)
(च) भवान् कुतः ………..। (आगच्छति/आगच्छसि।)
(छ) राजवाड़ास्थानं ……….. वर्तते। (उपेक्षणीयम्/प्रेक्षणीयम्)
उत्तर:
(क) भूमेः
(ख) आतुरस्य
(ग) श्रीपञ्चमी
(घ) सीतारामः
(ङ) चतुर्दशवर्षम्
(च) आगच्छति
(छ) प्रेक्षणीयम्।

प्रश्न 5.
अधोनिर्दिष्टैः अव्ययैः वाक्यानि रचयत(नीचे लिखे अव्ययों से वाक्यों की रचना करो-)
कदा, च, तत्र, विना, अत्र, अद्य, तु।
उत्तर:
MP Board Class 8th Sanskrit Solutions विविधप्रश्नावलिः 2 Q5

प्रश्न 6.
नामोल्लेखपूर्वकं सन्धि कुरुत(नाम का उल्लेख करते हुए सन्धि करो-)
उत्तर:
MP Board Class 8th Sanskrit Solutions विविधप्रश्नावलिः 2 Q6

प्रश्न 7.
लकार परिवर्तनं कुरुत(लकार परिवर्तन करो-)
उत्तर:
लट – लोट
(क) रक्षति – रक्षतु
(ख) रक्षामि – रक्षाणि
(ग) गच्छसि – गच्छ
(घ) गच्छामः – गच्छाम
(ङ) पिबन्ति – पिबन्तु
(च) पिबथ – पिबत
(छ) शृणुथः – शृणुतम्
(ज) याचतः – याचताम्
(झ) स्मरामः – स्मराम
(ब) पचन्ति – पचन्तु

प्रश्न 8.
उचितम् मेलयत(उचित को मिलाओ-)
MP Board Class 8th Sanskrit Solutions विविधप्रश्नावलिः 2 Q8
उत्तर:
(क) → (iii)
(ख) → (i)
(ग) → (ii)
(घ) → (v)
(ङ) → (vi)
(च) → (iv)
(च) → (iv)
(छ) → (viii)
(ज) → (vii)

प्रश्न 9.
पूर्तिं कुरुत (पूरा करो-)
उत्तर:
(क) उद्यमं साहस धैर्य, बुद्धिः शक्तिः पराक्रमः।
षडेते यत्रं वर्तन्ते, तत्र देव सहायकः॥

(ख) उदये सविता ताम्रः, ऐवास्तमेति च। सम्पत्तौ च
विपत्तौ च, महतामेकरूपता

प्रश्न 10.
अधोलिखितगद्यांशम् पठित्वा उत्तराणि लिखत (नीचे लिखे गद्यांश को पढ़कर उत्तर लिखो-)
(I) प्राचीनकाले वसन्तपञ्चयां ज्ञानयज्ञतपस्वरूपां सरस्वतीं जनाः पूजयन्ति स्म। अधुना अपि सम्पूर्णे देशे आध्यात्मिक जिज्ञासया अस्मिन् दिने जनाः ज्ञानस्य अधिष्ठात्री शारदाम् पूजयन्ति। वसन्तोत्सवः वस्तुतः सांस्कृतिकः उत्सवः अस्ति। वैदिककालात् एव अस्मिन् दिने सरस्वत्याः उपासना भवति।

अनुवाद :
वसन्त उत्सव का द्वितीय पक्ष अधिक सम्मान के योग्य होता है। भारत में वसन्त की बेला में देवी सरस्वती की आराधना भी परम्परा है। वसन्त पंचमी ज्ञान की उपासना। (और) आराधना का उत्सव है। प्राचीन समय में वसन्त पंचमी पर ज्ञानयज्ञ (और) तप स्वरूप सरस्वती को लोग पूजते थे। अब भी सम्पूर्ण देश में आध्यात्मिक जिज्ञासा से इस दिन लोग ज्ञान की मुख्य देवी शारदा (सरस्वती) को पूजते हैं।

(क) प्राचीनकाले वसन्तपञ्चम्यांजनाः काम्पूजयन्ति स्म? (प्राचीन काल में वसन्त पंचमी को लोग किसको पूजते थे।)
उत्तर:
प्राचीनकाले वसन्तपञ्चम्यां जनाः सरस्वती पूज्यन्ति स्म। (प्राचीन काल में वसन्त पञ्चमी को लोग सरस्वती को पूजते थे।)

(ख) अधुना जनाः वसन्तपञ्चम्यां देशे काम पूज्यन्ति? (अब लोग वसन्त पंचमी को देश में किसको पूजते हैं?)
उत्तर:
अधुना जनाः वसन्तपञ्चम्यां देशे शारदां पूजयन्ति। (अब लोग वसन्त पंचमी को देश में सरस्वती को पूजते हैं।)

(ग) वसन्तोत्सवः कीदृशःउत्सवः अस्ति? (वसन्त उत्सव: कैसा उत्सव है?)
उत्तर:
वसन्तोत्सवः सांस्कृतिक उत्सवः अस्ति। (वसन्त उत्सव सांस्कृतिक उत्सव है।)

(घ) कस्मात् कालात् वसन्तपञ्चम्यां सरस्वती उपासना भवति? (किस काल से वसन्त पंचमी को सरस्वती की उपासना होती है?)
उत्तर:
वैदिककालात् वसन्तपञ्चम्यां सरस्वती उपासना भवति। (वैदिक काल से वसन्त पंचमी को सरस्वती की उपासना होती है।)
अथवा
(II) अङ्केश:-पुनः पुनः स्मरतु। प्राचीनकालतः अवन्तिकानाम्नी प्रसिद्धा उज्जयिनी, माहिष्मतीनाम्ना प्रशस्तः नहेश्वरञ्चेति स्थानद्वयं मालवक्षेत्रे अन्तर्भवति।

अञ्जना-राज्ञा महिष्मता निर्मिता माहिष्मती अधुना महेश्वरनगरमेव’ अस्ति। अनूपदेशस्य यज्ञः सहस्रार्जुनस्य राजधानी अपि आसीत्।

अनुवाद :
अंजना-उनकी धर्म निष्ठा को याद कर रहा हूँ। अपने पुत्र मालेराव की मृत्यु के बाद नर्मदा के किनारे इन्दौर के पास महेश्वर (नामक) स्थान को राजधानी बनाया।

अंकेश :
फिर से याद करो। प्राचीन काल से अवन्तिका नाम की प्रसिद्ध उज्जयिनी और माहिष्मती नाम से प्रशंसनीय महेश्वर ये दोनों स्थान मालव क्षेत्र के अन्तर्गत हैं।

अंजना :
राजा महिष्मत् के द्वारा निर्मित माहिष्मती अब ‘महेश्वर’ नगर ही है। अनूपदेश के राजा सहस्रार्जुन की राजधानी भी थी।

(क) उज्जयिन्याः अपरं नाम किम्? (उज्जयिनी का दूसरा नाम क्या है?)
उत्तर:
उज्जयिन्याः अपरं नाम अवन्तिका। (उज्जयिनी का दूसरा नाम अवन्तिका है।)

(ख) महेश्वरस्य अपरं नाम किम्? (महेश्वर का दूसरा नाम क्या है?)
उत्तर:
महेश्वरस्य अपरं नाम माहिष्मती। (महेश्वर का दूसरा नाम माहिष्मती है।)

(ग) सहस्रार्जुनः कस्य देशस्य नृपः आसीत्? (सहस्रार्जुनः किस देश का राजा था?)
उत्तर:
सहस्रार्जुनः अनूपदेशस्यं नृपः आसीत्। (सहस्रार्जुन अनूपदेश का राजा था।)

(घ) सहस्रार्जुनस्य राजधानी कस्मिन् नगरे आसीत्? (सहस्रार्जुन की राजधानी किस नगर में थी?)
उत्तर:
सहस्रार्जुनस्य राजधानी महेश्वरनगरे आसीत्। (सहस्रार्जुन की राजधानी महेश्वर नगर में थी।)

प्रश्न 11.
अधोलिखितम् गद्यं पठित्वा उत्तराणि लिखत(नीचे लिखे.पद्य को पढ़कर उत्तर लिखो-)
(I) उदये सविता ताम्रस्ताम्र एवास्तमेति च।
सम्पत्तौ च विपत्तौ च महतामेकरूपता॥

अनुवाद :
सूर्य उदय होते समय लाल होता है और अस्त होते समय भी लाल होता है। उसी प्रकार महान् लोग सम्पत्ति (सुख) और विपत्ति (दुःख) में एक समान रहते हैं।
(क) उदये सवितुः वर्णः कः भवति? (उदय के समय सूर्य का रंग कैसा होता है?)
उत्तर:
उदये सवितुः वर्णः ताम्रः भवति। (उदय के समय सूर्य का रंग लाला होता है।)

(ख) अस्तङ्गते सवितुः कः वर्णः भवति? (अस्त होते समय सूर्य का रंग कैसा होता है?
उत्तर:
अस्तङ्गते सवितुः ताम्रः वर्णः भवति। (अस्त होते समय सूर्य का रंग लाल होता है।)

(ग) सम्पत्तौ विपत्तौ च केषाम् एकरूपता? (सुख और दुःख में किनकी एक समानता रहती)
उत्तर:
सम्पत्तौ विपत्तौ च महताम् एकरूपता। (सुख और दुःख में महान् लोगों की एक समानता रहती है।)

(घ) उदये इति पदे का विभक्तिः अस्ति? (‘उदये’ इस शब्द में कौन-सी विभक्ति है?)
उत्तर:
उदये इति पदे सप्तमी विभक्तिः अस्ति (‘उदये’ इस शब्द में सप्तमी विभक्ति है।)
(अथवा)
(II) माता गुरुतरा भूमेः खात्पितोच्चतरस्तथा।
मनः शीघ्रतरं वाताच्चिन्ता बहुतरी तृणात्॥

अनुवाद :
युधिष्ठिर बोला-माता पृथ्वी से भारी है (अर्थात् माता का गौरव पृथ्वी से ज्यादा है)। पिता आकाश से अधिक ऊँचे हैं, मन वायु से तेज चलने वाला है और चिन्ता तिनकों से भी अधिक (जनसंख्या या अनन्त) है।
(क) भूमेः गुरुतरा का? (भूमि से ज्यादा गौरव किसका है?)
उत्तर:
भूमेः गुरुतरा माता। (भूमि से ज्यादा गौरव माता का है।)

(ख) पिता कस्मात् उच्चतरः? (पिता किससे ऊँचे हैं?)
उत्तर:
पिता खात् उच्चतरः। (पिता आकाश से ऊँचे हैं।)

(ग) वातात् शीघ्रतरं किम्? (वायु से तेज क्या है?)
उत्तर:
वातात् शीघ्रतरं मनः। (वायु से तेज मन है।)

(घ) तृणात् बहुतरी का? (तिनकों से भी अनन्त क्या है?)
उत्तर:
तृणात् बहुतरी चिन्ता। (तिनकों से भी अनन्त चिन्ता है।)

प्रश्न 12.
उचितविकल्पं चित्वा लिखत(उचित विकल्प चुनकर लिखो-)
(क) वसन्तपञ्चमी पर्व भवति। (फाल्गुनमासे/चैत्रमासे/माघमासे/कार्तिकमासे)
(ख) चन्द्रशेखरस्य जन्म अभवत्। (जुलाईमासे/मईमासे/अगस्तमासे/जूनमासे)
(ग) सम्पत्तौ च विपत्तौ च महताम् भवति। (अनेकरूपता/भिन्नरूपता/एकरूपता/विविधरूपता)
(घ) ‘सत + आचारः अस्ति। (स्वरसन्धि/ – व्यञ्जनसन्धिः/विसर्गसन्धिः/प्रकृतिभावसन्धिः)
(ङ) विद्यालयः अस्ति। (अव्ययीभावसमासः/तत्पुरुषसमासः/द्वन्द्वसमासः/द्विगुसमासः)
(च) अहिल्याबाई इत्यस्य पत्युः नाम आसीत्। (दामोदररावः/खण्डेराव:/मल्हारराव/कृष्णराव:)
उत्तर:
(क) माघमासे
(ख) जुलाईमासे
(ग) एकरूपता
(घ) व्यञ्जनसन्धिः
(ङ) तत्पुरुषसमासः
(च) खण्डेरावः।

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